
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सतरिख थाना क्षेत्र में स्थित एक सरकारी स्कूल की सहायक अध्यापिका उमा वर्मा ने कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना के चलते शनिवार को स्कूल कार्यालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
उनके पति ऋषि कुमार वर्मा ने रविवार को प्रभारी प्रधानाचार्य सीतावती और सहायक अध्यापक सुशील कुमार वर्मा के खिलाफ तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस के अनुसार, आरोप है कि दोनों शिक्षक उमा वर्मा के साथ अपमानजनक व्यवहार करते थे और लगातार मानसिक दबाव डालते थे।
ऋषि कुमार वर्मा ने बताया कि उनकी पत्नी विद्यार्थियों को मेहनत और लगन से पढ़ाती थीं। उनकी मेहनत के कारण बच्चों की प्रतियोगी परीक्षाओं और प्रोजेक्ट्स में सफलता मिली, जिसकी प्रशंसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 नवंबर 2025 को की थी। पति का दावा है कि इसी ईर्ष्या के चलते प्रधानाचार्य और सहायक अध्यापक ने उमा वर्मा को लगातार परेशान किया।
ऋषि कुमार ने आगे कहा कि उनकी पत्नी ने यह पीड़ा परिवार और अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर भी व्यक्त की थी। शनिवार को कार्यालय में भी आरोपियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने की जानकारी उन्होंने पति को फोन पर दी।
सतरिख थाना प्रभारी धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्रधानाचार्य सीतावती और शिक्षक सुशील कुमार वर्मा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।