
मुंबई/बुलढाणा (सुजीत उपाध्याय): महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ के तहत बुलढाणा जिले की करीब 30,000 महिलाओं को पिछले दो महीनों से 1,500 रुपये की मासिक किस्त नहीं मिली है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई थी। रुकी हुई किस्तों की वजह से ग्रामीण इलाकों की महिलाओं में चिंता और गुस्सा दोनों का माहौल बन गया है।
महिलाओं ने जिला महिला एवं बाल कल्याण कार्यालय पहुंचकर जांच और तत्काल राहत की मांग की। प्रशासन ने बताया कि इस रुकावट का कारण ई-केवाईसी प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतें और दस्तावेज़ों में त्रुटियां हैं। कुछ लाभार्थियों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं होने या आधार विवरण में गड़बड़ी होने के कारण उनके फायदे अस्थायी रूप से रोके गए हैं।
अफवाहों से बढ़ा तनाव
कुछ जगहों पर यह अफवाह भी फैली कि योजना बंद हो गई है, जिससे महिलाओं में भय और भ्रम बढ़ गया। कई महिलाओं ने सीधे प्रशासन से सवाल किया कि उनके पैसे क्यों रोके गए हैं।
रुकी किस्तें कब मिलेंगी?
महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना बंद नहीं की गई है। जिन महिलाओं की किस्तें रुकी हैं, उनके दस्तावेज़ों और ई-केवाईसी में सुधार होते ही उन्हें बकाया राशि प्रदान की जाएगी।
योजना का महत्व
लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार की एक प्रमुख स्कीम है, जिसके तहत 21 से 65 वर्ष की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रशासन ने कहा है कि लाभार्थी महिलाओं की सुविधा के लिए ई-केवाईसी सुधार कैंपेन और गाइडेंस कैम्प जल्द ही चलाए जाएंगे ताकि तकनीकी समस्याओं के कारण किसी को परेशानी न हो।