
गिरिडीह (रवि सिन्हा): झारखंड के गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गादी श्रीरामपुर गांव में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां एक ऑटो चालक की पत्नी पुतुल देवी (35) और उनकी 15 वर्षीय बेटी स्नेहा कुमारी का शव घर के एक कमरे में फांसी के फंदे से लटका मिला। परिजन इसे आत्महत्या की घटना बता रहे हैं, जबकि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, पुतुल देवी और उनकी बेटी स्नेहा सोमवार सुबह तक कमरे में सोई थीं। काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को शक हुआ। जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर मां और बेटी फांसी के फंदे से लटकी हुई मिलीं। आनन-फानन में परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
परिजन बताते हैं कि पुतुल देवी ने किसी महिला स्वयं सहायता समूह से लोन लिया था। लोन की किस्तों को लेकर लगातार फोन और कथित दबाव के कारण वह मानसिक तनाव में थीं। पति सोनू राम ने बताया कि उनकी पत्नी कई बार तनाव में रोती थीं, लेकिन अपनी परेशानी किसी से साझा नहीं करती थीं। स्नेहा कक्षा 10वीं की छात्रा थी और पढ़ाई में भी अच्छी थी।
घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव और मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
सदर एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है और वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। लोन वसूली से जुड़ा कथित दबाव कितना गंभीर था और इसमें किसी तरह की प्रताड़ना हुई या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
घटना की खबर फैलते ही गांव में भारी भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया।