
स्वपनल सोनल | नवभारत टाइम्स, 19 जनवरी 2026, 3:19 बजे
बॉलीवुड में हाल ही में एआर रहमान के ‘सांप्रदायिक भावना’ वाले बयान को लेकर हुई विवादित प्रतिक्रिया के बीच, म्यूजिक कंपोजर की बेटियों खतीजा और रहीमा ने पिता का खुलकर समर्थन किया है। दोनों बेटियों ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक पोस्ट री-शेयर किया, जिसमें उनके पिता का अपमान करने वालों को कड़ी नसीहत दी गई।
खतीजा और रहीमा ने मलयालम म्यूजिक कंपोजर कैलाश मेनन के उस पोस्ट को री-शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा था कि रहमान से असहमत होना संभव है, लेकिन उनका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। खतीजा ने इस पोस्ट पर ‘ताली’, ‘आग’ और ‘सौ फीसदी’ जैसी इमोजी साझा की और अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर भी पोस्ट को शेयर किया। इसके साथ ही उन्होंने लिखा, “प्यारे भगवान, मेरे दोस्तों को आशीर्वाद दें, जिन्होंने बिना कुछ मांगे मेरा हालचाल पूछा। उनके इस प्यार को कई गुना करके उन्हें लौटाएं और जो कुछ भी वे छुएं, उन पर आशीर्वाद बरसाएं।”
दूसरी बेटी रहीमा ने भी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पिता के समर्थन में यही पोस्ट साझा किया।
कैलाश मेनन ने अपने पोस्ट में लिखा कि रहमान को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, “आप उनसे असहमत हो सकते हैं, लेकिन उन्हें अपना अनुभव साझा करने से रोक नहीं सकते। असहमति ठीक है, लेकिन जो हुआ वह सीधे हेट स्पीच, गाली-गलौज और चरित्र हनन में बदल गया।”
कैलाश ने आगे लिखा, “एआर रहमान कोई आम कलाकार नहीं हैं। उन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक मंच तक पहुँचाया और अपने काम से कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। उन्हें ‘शर्म की बात’ कहना, उनके विश्वास पर सवाल उठाना या उनके जीवन अनुभव का मजाक उड़ाना आलोचना नहीं, बल्कि नफरत भरी टिप्पणी है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी कलाकार की व्यक्तिगत राय पर बहस करना ठीक है, लेकिन सार्वजनिक अपमान करना या किसी की ईमानदारी पर हमला करना स्वीकार्य नहीं है। “बोलने की आज़ादी रहमान पर भी उतनी ही लागू होती है, जितनी उनके आलोचकों पर। आलोचना ठीक है, लेकिन सम्मान के बिना गुस्सा दिखाना हमारे समाज के लिए चिंता का विषय है।”