
सीतामढ़ी: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी महत्वाकांक्षी ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत आज सीतामढ़ी और शिवहर जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों के लिए कुल 600 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यात्रा का मुख्य उद्देश्य जनता के साथ सीधे संवाद के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जमीन पर स्थिति जानना और विकास की गति को और तेज करना है।
12.38 बजे: माता सीता मंदिर का जिक्र
पुनौरा धाम में बन रहे मां सीता मंदिर को उपलब्धि बताते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि इससे पूरे क्षेत्र का विकास होगा। इस परियोजना के लिए करोड़ों रुपये का बजट आवंटित किया गया है। साथ ही, उन्होंने बाढ़ नियंत्रण के लिए चल रहे कार्यों की जानकारी भी साझा की।
12.30 बजे: उद्योगों के विकास की घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने राज्य में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने के लक्ष्य का जिक्र किया। इसके लिए महिलाओं को 10 हजार रुपये और रोजगार हेतु 10 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। बड़े उद्योगों के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं और मुफ्त भूमि जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
12.25 बजे: प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद
नीतीश कुमार ने रोजगार और विकास से जुड़ी अपनी सरकार की उपलब्धियों को आंकड़ों के माध्यम से बताया और बाकी योजनाओं को पूरा करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का सहयोग लगातार मिल रहा है और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया।
12.15 बजे: कब्रिस्तान विवाद का समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कब्रिस्तान को लेकर कोई विवाद या झंझट नहीं है। 2006 में जदयू शासन आने के बाद से कब्रिस्तान की बाउंड्री तैयार की गई, जिससे विवाद समाप्त हुआ। इसके अलावा उन्होंने सात निश्चय तीन सहित अन्य योजनाओं की भी जानकारी दी।
12 बजे: समृद्धि यात्रा की मुख्य घोषणाएं
- सीतामढ़ी जिले के लिए: कुल 554 करोड़ रुपये की परियोजनाएं। 346 करोड़ की लागत वाली 41 नई योजनाओं की नींव रखी गई और 208.12 करोड़ की 26 तैयार योजनाओं का जनता को समर्पण।
- शिवहर जिले के लिए: 42 करोड़ रुपये की लागत से 75 योजनाओं का उद्घाटन और 17 करोड़ रुपये की लागत वाली 28 नई परियोजनाओं का शिलान्यास।
मुख्यमंत्री ने न केवल योजनाओं का उद्घाटन किया, बल्कि अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने जनसंवाद कार्यक्रम के माध्यम से सीधे जनता से उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना।
नीतीश कुमार की यह यात्रा न केवल सीमावर्ती जिलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, बल्कि शासन की पारदर्शिता और योजनाओं के प्रभाव को सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।