
नई दिल्ली: प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अब सदस्यों को क्लेम प्रक्रिया में आसानी देने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल करने जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन और मशीन लर्निंग (ML) जैसी तकनीकों के उपयोग से सदस्यों के पुराने सर्विस रेकॉर्ड की वेरिफिकेशन में आ रही दिक्कतें दूर होंगी।
EPFO के अधिकारियों ने बताया कि जो लोग UAN सिस्टम शुरू होने से पहले संगठन से जुड़े थे, उन्हें अक्सर अपने पुराने सर्विस रेकॉर्ड की प्रामाणिकता साबित करने में परेशानी होती थी। कभी-कभी कंपनी बंद हो जाने या कागजात अधूरे होने के कारण यह समस्या आती थी। नए तकनीकी मॉडल्स की मदद से क्लेम और सदस्य की प्रामाणिकता का निष्कर्ष तेजी से निकाला जा सकेगा।
कौन होगा फायदा?
नई तकनीकों का इस्तेमाल उन सदस्यों के लिए खासतौर पर फायदेमंद होगा जो अलग-अलग कंपनियों में काम करने के कारण अपने कई मेंबर अकाउंट्स को UAN से मर्ज नहीं कर पाते। इसके अलावा, ये तकनीकें इनऑपरेटिव अकाउंट्स के क्लेम को भी आसान बनाएंगी।
2014 में शुरू हुआ 12 अंकों का UAN हर सदस्य के लिए एक यूनिक पहचान नंबर है। यह अलग-अलग एम्प्लॉयर से जुड़े सभी मेंबर आईडी को एक छाते के नीचे लाता है। इसके माध्यम से सदस्य पूरे करियर में अपने सभी PF योगदान को एक ही नंबर से मैनेज कर सकते हैं।
सरकार के लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2024 तक 20.3 करोड़ UAN अलॉट किए जा चुके थे, जबकि 30 करोड़ से ज्यादा मेंबर अकाउंट्स थे। इनमें से 7.3 करोड़ UAN सक्रिय रूप से रिटायरमेंट फंड में योगदान कर रहे हैं। प्राइवेट वर्कर्स के मूल वेतन का 12% PF में जाता है, जिसमें से 3.67% पेंशन फंड और 8.33% कर्मचारी PF अकाउंट में जमा होता है।
EPFO की यह पहल कर्मचारियों को अकाउंट ट्रैकिंग, ट्रांसफर और क्लेम प्रक्रिया में नई सरलता प्रदान करेगी और उन्हें लगातार दफ्तरों के चक्कर लगाने से भी बचाएगी।