
नई दिल्ली।
भारत में निर्मित मारुति सुजुकी की मिडसाइज एसयूवी विक्टोरिस अब वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने जा रही है। कंपनी ने इस लोकप्रिय एसयूवी को 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात करने की घोषणा की है, जहां इसे ‘Suzuki Across (एक्रॉस)’ के नाम से बेचा जाएगा। यह कदम ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ विजन को और मजबूती देता है।
सितंबर 2025 में भारतीय बाजार में लॉन्च हुई विक्टोरिस ने कम समय में ही मिडसाइज एसयूवी सेगमेंट में खास पहचान बना ली है। किफायती कीमत, आकर्षक डिजाइन, आधुनिक फीचर्स और बेहतरीन सेफ्टी के दम पर यह एसयूवी ग्राहकों की पहली पसंद बनती जा रही है। भारत में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 10.50 लाख रुपये से शुरू होकर 19.99 लाख रुपये तक जाती है।
मारुति सुजुकी के अनुसार, विक्टोरिस की 450 से अधिक यूनिट्स गुजरात के मुंद्रा और पिपावाव पोर्ट से विभिन्न देशों के लिए रवाना की जा चुकी हैं। लैटिन अमेरिका, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका इसके प्रमुख निर्यात बाजार होंगे।
सेफ्टी और तकनीक में भी अव्वल
विक्टोरिस को ‘गॉट इट ऑल’ फिलॉसफी के तहत विकसित किया गया है। इसमें आधुनिक तकनीक, आरामदायक इंटीरियर और फ्यूचरिस्टिक डिजाइन के साथ बेहतरीन सुरक्षा मानक दिए गए हैं। यह एसयूवी ग्लोबल एनकैप और भारत एनकैप दोनों में 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल कर चुकी है, जो इसे अपने सेगमेंट में और खास बनाती है।
हाल ही में जापान मोबिलिटी शो 2025 में भी मेड इन इंडिया विक्टोरिस को प्रदर्शित किया गया था, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को नई पहचान मिली।
एक्सपोर्ट में मारुति सुजुकी की मजबूत बढ़त
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने बताया कि वर्ष 2025 कंपनी के लिए निर्यात के लिहाज से बेहद खास रहा। इस साल कंपनी ने 3.9 लाख से अधिक वाहनों का निर्यात किया और लगातार पांचवीं बार भारत की सबसे बड़ी पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्टर बनी।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जहां भारतीय पैसेंजर व्हीकल इंडस्ट्री का निर्यात 1.43 गुना बढ़ा, वहीं मारुति सुजुकी का निर्यात 4.67 गुना तक पहुंच गया। विक्टोरिस के जुड़ने से कंपनी के वैश्विक निर्यात लक्ष्य और मजबूत होंगे।
कंपनी को भरोसा है कि अपनी शानदार तकनीक, आकर्षक लुक, आरामदायक फीचर्स और बेहतरीन सुरक्षा के चलते विक्टोरिस/एक्रॉस अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग का नाम रोशन करेगी।