
प्रभास की नई फिल्म ‘द राजा साब’ बॉक्स ऑफिस पर रिलीज़ के पहले हफ्ते में ही मुसीबतों में फंस गई है। मारुति के निर्देशन में बनी यह फिल्म, प्रभास की पिछली फिल्मों ‘आदिपुरुष’ और ‘साहो’ जैसी डिजास्टर फिल्म्स से भी बुरी स्थिति में है।
फिल्म के ओपनिंग डे पर दुनियाभर में 100.60 करोड़ रुपये के ग्रॉस कलेक्शन के बावजूद, रिलीज के छठे दिन फिल्म ने भारत में मात्र 5.25 करोड़ रुपये का नेट बिजनेस किया। तेलुगू शोज में औसतन 100 में से 75 सीटें खाली दिखाई दीं। इस तरह छह दिन में फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन 124.65 करोड़ रुपये रहा, जबकि वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 184 करोड़ रुपये तक पहुंचा।
मारुति भले ही फिल्म की खराब बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस का दोष दर्शकों पर डाल रहे हों, लेकिन सच यही है कि प्रभास के फैंस को भी यह फिल्म पसंद नहीं आ रही है। फिल्म का बजट 300 करोड़ रुपये बताया गया है और यह देशभर में 5 भाषाओं में रिलीज़ हुई। लेकिन शुरुआत के दूसरे दिन ही फिल्म की कमाई में -51.63% गिरावट आई, उसके बाद रविवार को यह -26.54% और गिर गई। वीकडेज़ शुरू होते ही कमाई सिंगल डिजिट में रह गई।
यदि पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रभास की पिछली फिल्मों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
| साल | फिल्म | भारत में कमाई | वर्ल्डवाइड कलेक्शन |
| 2015 | बाहुबली | ₹421 करोड़ | ₹650 करोड़ |
| 2017 | बाहुबली 2 | ₹1030.42 करोड़ | ₹1788.06 करोड़ |
| 2019 | साहो | ₹310.60 करोड़ | ₹451 करोड़ |
| 2022 | राधे श्याम | ₹104.38 करोड़ | ₹149.50 करोड़ |
| 2023 | आदिपुरुष | ₹288.15 करोड़ | ₹393 करोड़ |
| 2023 | सलार | ₹406.45 करोड़ | ₹617.75 करोड़ |
| 2024 | कल्कि 2898AD | ₹646.31 करोड़ | ₹1042.25 करोड़ |
| 2026 | द राजा साब (6 दिन) | ₹124.65 करोड़ | ₹184 करोड़ |
वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी फिल्म को सफलता नहीं मिली। विदेशों से 6 दिनों में फिल्म ने 36 करोड़ रुपये की कमाई की।
दूसरी ओर, जेम्स कैमरून की ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ ने दुनियाभर में धूम मचाई है, लेकिन भारत में रिलीज़ के 27वें दिन फिल्म की कमाई लगभग 88 लाख रुपये ही रही। बावजूद इसके, ‘अवतार 3’ ने भारत में कुल नेट कलेक्शन 186.93 करोड़ रुपये तक पहुंचाया।
सिनेमा प्रेमियों के लिए यह हफ्ता बॉक्स ऑफिस पर मिलेजुले परिणाम लेकर आया है। जहां ‘अवतार 3’ धीरे-धीरे सिनेमा हॉल से उतर रही है, वहीं प्रभास की नई फिल्म के लिए दर्शक दिलचस्पी बनाए रखना चुनौती बन गया है।
