
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में 12 दिनों से लापता दो मासूम बच्चों, अंश और अंशिका, की सुरक्षित बरामदगी ने परिवार और शहरवासियों को राहत दी है। धुर्वा थाना क्षेत्र से 2 जनवरी को गायब हुए बच्चों को रांची पुलिस ने पड़ोसी जिले रामगढ़ से सकुशल छुड़ाया। इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन पर खुशी जाहिर करते हुए रांची और झारखंड पुलिस की सराहना की। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में पुलिस को सफलता नहीं मिली थी, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी। दूसरे राज्य में हुई इसी तरह की एक वारदात के ‘मोडस ऑपरेन्डी’ से सुराग मिलते ही पुलिस अपराधियों तक पहुंच गई।
इंसानियत की आड़ में अपराध: अपहरणकर्ताओं ने रोशन आरा नामक बुजुर्ग महिला के घर में कम किराए पर कमरा लेकर छिपने का तरीका अपनाया। खुद को बिहार का बेघर बताते हुए उन्होंने मासूम बच्चों को साथ रखा और बच्चों की असली पहचान छिपाई। मकान मालिक और पड़ोसियों को कुछ पता नहीं चला।
सामाजिक कार्यकर्ताओं की सतर्कता: स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं डब्ल्यू और सचिन ने संदिग्ध जोड़े और बच्चों की सूचना पुलिस को दी। उन्होंने बच्चों की फोटो खींचकर पिता को भेजी। पिता की पहचान होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित निकाला।
पुलिस की संयुक्त कार्रवाई: रामगढ़ और रांची पुलिस ने तालमेल बैठाकर घर पर छापेमारी की और दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या यह गिरोह बच्चों की तस्करी में शामिल था।
परिवार में खुशी का माहौल: अंश और अंशिका की सुरक्षित वापसी के बाद उनके परिवार ने राहत की सांस ली। परिजनों ने आंसू पोंछे और अब घर में खुशियों का माहौल है। पुलिस ने बताया कि दोनों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को सौंप दिए गए हैं।