
रांची: झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नए प्रदेश अध्यक्ष की तलाश अब समाप्त हो गई है। राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को झारखंड बीजेपी का नया अध्यक्ष बनाया गया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (कार्यकारी) नितिन नबीन ने साहू पर भरोसा जताते हुए उन्हें पार्टी का नया ‘कमांडेंट’ नियुक्त किया है।
पार्टी में वरिष्ठ नेताओं जैसे रघुवर दास और बाबूलाल मरांड़ी को पीछे रखते हुए साहू का चयन इस दिशा में किया गया है कि झारखंड में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी को खत्म किया जा सके। साहू के सामने पार्टी के सभी धड़ों को साथ लेकर चलने और संगठन को जमीनी स्तर तक सक्रिय करने की चुनौती होगी।
इसके अलावा इस साल होने वाले नगर निकाय चुनाव 2026 साहू के लिए अग्निपरीक्षा साबित होंगे। हालांकि ये चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं लड़े जाते, फिर भी बीजेपी चाहती है कि उसके समर्थित प्रत्याशी नगर निगम और पंचायतों में जीत दर्ज करें।
झारखंड की राजनीति में आदिवासी, ओबीसी और ग्रामीण मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। हाल के वर्षों में बीजेपी का इन वर्गों से जुड़ाव कमजोर हुआ है। राज्य में लगभग 30 फीसदी ओबीसी और 25 फीसदी आदिवासी आबादी है। आदित्य साहू के लिए इन समुदायों के बीच विश्वास फिर से कायम करना बड़ी चुनौती होगी।
संगठनात्मक अनुभव और युवाओं से जुड़ाव के मामले में साहू पार्टी के लिए लाभकारी साबित हो सकते हैं। अब देखना यह होगा कि वह इन चुनौतियों को किस रणनीति के साथ अवसर में बदलते हैं।