
अमेठी (उत्तर प्रदेश): तहसील मुसाफिरखाना में तैनात उपजिलाधिकारी अभिनव कन्नौजिया पर भ्रष्टाचार और अधिवक्ताओं के साथ अपमानजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला अब उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंच गया है, जिससे प्रशासनिक तंत्र में हलचल मच गई है।
बार एसोसिएशन की शिकायत
मुसाफिरखाना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल ने भेजे प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि SDM लगातार राजस्व नियमों की अनदेखी कर मनमाने आदेश पारित कर रहे हैं। जब इन आदेशों पर सवाल उठाया जाता है, तो अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। पत्र में कहा गया है कि जिस अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, वही प्रशासनिक पद पर बैठकर जांच को प्रभावित कर सकता है।
उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग
बार एसोसिएशन ने SDM को हटाकर स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पत्र विधानसभा सचिवालय के माध्यम से जिलाधिकारी अमेठी को भेजा गया है, जिससे मामला केवल तहसील का नहीं रहकर राज्य स्तर का संवेदनशील प्रशासनिक संकट बन गया है।
स्थानीय वकीलों की चिंता
स्थानीय वकीलों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे न्यायिक तंत्र की साख पर सवाल खड़े हो सकते हैं। प्रार्थना पत्र के बाहर आने के बाद अमेठी से लखनऊ तक प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।