
नागौर: रियांबड़ी उपखंड मुख्यालय पर किसान आंदोलन लगातार जारी है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में किसानों ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाए रखा है। रविवार देर रात तक हुई बातचीत के बावजूद बजरी खनन सहित कुछ अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई, जिसके चलते बेनीवाल ने प्रशासन को 13 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है।
धरने में पूरी रात डटे रहे बेनीवाल
धरने के दौरान हनुमान बेनीवाल अपने समर्थकों के साथ पूरी रात डटे रहे। सोमवार सुबह करीब 4 बजे की तस्वीर में वे समर्थकों से घिरे दिखाई दिए। बेनीवाल ने बताया कि किसानों की मौजूदगी रातभर बनी रही और प्रशासन से ठोस जवाब का इंतजार किया गया।
वार्ता में देरी पर जताई नाराजगी
बेनीवाल ने कहा कि शुरुआत में प्रशासन की ओर से कोई प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए नहीं आया, जिससे उन्हें नाराजगी हुई। रात करीब 2 बजे प्रशासन का प्रतिनिधिमंडल आया। किसानों की सात सदस्यीय कमेटी सरकारी विश्राम गृह में गई, जहां दो घंटे तक बातचीत चली। पांच मांगों पर संतोषजनक चर्चा हुई, लेकिन खनन के मुद्दे पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग खनन धारकों का पक्ष ले रहा है और किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
अधिकारियों को हटाने और जांच की मांग
हनुमान बेनीवाल ने प्रशासन से कहा कि वे उच्च अधिकारियों से चर्चा कर पुनः वार्ता करें। उन्होंने डेगाना डिप्टी जयप्रकाश बेनीवाल, गोटन कार्यालय के राकेश शेशमा, रियांबड़ी चौकी और पादू कला थाने के कुछ पुलिस अधिकारियों व सिपाहियों को हटाने की मांग रखी। इसके अलावा खनन विभाग के एक अधिकारी पर खनन माफिया को संरक्षण देने और गलत सर्वे कराने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच कराने की मांग की।
बेनीवाल ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं करता है, तो 13 जनवरी को रियांबड़ी में बड़ा धरना आयोजित किया जाएगा।