
मुंबई: लंबे समय तक टीवी दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में अब्दुल का किरदार निभाने वाले अभिनेता शरद सांकला ने हाल ही में अपने जीवन के संघर्ष और दयाबेन की वापसी को लेकर खुलासे किए।
शरद ने पॉडकास्ट ‘द आवारा मुसाफिर’ में बताया कि उनके करियर का सबसे कठिन दौर लगभग सात साल तक चला, जब उन्हें कोई काम नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा, “उस समय इंडस्ट्री में छोटे–मोटे रोल्स ही मिलते थे। मैं लगभग सात–आठ साल तक बिना काम के था और आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था। उस दौर को आप मेरी ‘साढ़े साती’ कह सकते हैं।”
शरद ने अपने संघर्ष के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय वरिष्ठ कलाकारों की सक्रियता और बदलते इंडस्ट्री ट्रेंड के कारण उन्हें पर्याप्त मौके नहीं मिल पाए। उन्होंने यह भी बताया कि सनी देओल ने उन्हें एक महत्वपूर्ण मौका दिया, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी।
दयाबेन की वापसी को लेकर शरद ने स्पष्ट किया, “मुझे नहीं लगता कि अब यह संभव है, लेकिन कुछ भी तय नहीं कहा जा सकता। दर्शक अभी भी दया को याद कर रहे हैं और निर्माता भी उनकी वापसी के इच्छुक हैं। अगर वह लौटती हैं, तो यह शो के लिए बहुत अच्छा होगा, और अगर नहीं, तो हम आगे बढ़ने का रास्ता निकाल लेंगे।”
शरद ने अपने लंबे करियर, संघर्ष और इंडस्ट्री में अपने अनुभवों को साझा करते हुए दर्शकों को यह भी याद दिलाया कि कभी-कभी कठिन दौर भी अवसरों में बदल सकते हैं।
