Friday, May 15

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₹76,000 करोड़ का रियल एस्टेट निवेश, साल 2025 में बना रिकॉर्ड

 

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नई दिल्ली: साल 2025 भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बेहद सफल रहा। इस दौरान संस्थागत निवेश 8.5 अरब डॉलर (करीब 76,000 करोड़ रुपये) तक पहुँच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। कोलिअर्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले साल की तुलना में 29% ज्यादा है।

 

निवेश का स्रोत

 

इस साल घरेलू संस्थागत निवेशकों का दबदबा बढ़ा। उन्होंने कुल निवेश का 57%, यानी 4.8 अरब डॉलर निवेश किया। इससे पता चलता है कि भारतीय निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और वे अच्छी क्वालिटी की प्रॉपर्टी, स्थिर कमाई और पारदर्शिता देख रहे हैं।

वहीं विदेशी निवेश 16% घटकर 3.7 अरब डॉलर रह गया। हालांकि साल की आखिरी तिमाही में इसमें सुधार दिखा, जो बताता है कि विदेशी पैसा धीरे-धीरे वापस आ रहा है।

 

चौथी तिमाही में रिकार्ड निवेश

 

साल की चौथी तिमाही खास रही। इसमें 4.2 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो किसी भी तिमाही में सबसे ज्यादा है। इस दौरान ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट ने बेंगलुरु में 1.5 अरब डॉलर का ऑफिस सौदा किया, जबकि ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट ने मुंबई में 1 अरब डॉलर का ऑफिस सौदा किया।

 

कौन-सा सेक्टर सबसे आगे

 

ऑफिस सेक्टर: कुल संस्थागत निवेश का 54%, यानी 4.5 अरब डॉलर।

रेजिडेंशियल सेक्टर: 1.6 अरब डॉलर, कुल निवेश का 18%, पिछले साल से 36% ज्यादा।

इंडस्ट्रियल संपत्तियाँ: निवेश में तीसरा स्थान।

 

कोलिअर्स इंडिया के CEO बादल यज्ञनिक का कहना है कि साल 2026 में घरेलू पूंजी के बढ़ने और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की क्षमता बढ़ने से संस्थागत निवेश और मजबूत होने की संभावना है।

 

निष्कर्ष

 

साल 2025 ने यह साफ कर दिया कि भारत स्थिर और आकर्षक निवेश गंतव्य बना हुआ है। बड़े सौदे और बढ़ती मांग ने रियल एस्टेट सेक्टर को निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बना दिया है।

 

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