
पटना: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जल्द ही अपने यूरोप दौरे से लौटने वाले हैं। माना जा रहा है कि लौटते ही उनका ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू होगा और इसके साथ ही बिहार यात्रा का भी कार्यक्रम तय किया जाएगा।
पारिवारिक एकता का संदेश
तेजस्वी यादव सबसे पहले पारिवारिक एकता पर जोर देंगे। 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद को सबसे अधिक नुकसान पारिवारिक बिखराव के कारण हुआ था। चुनाव के दौरान NDA ने बार-बार यह सवाल उठाया कि “जो अपना घर नहीं चला सकते, वह राज्य और देश कैसे संभालेंगे?” तेजस्वी यादव के भाई तेज प्रताप यादव ने हाल ही में अपना जन्मदिन माता राबड़ी देवी के साथ मनाया, जिससे परिवार में आत्मविश्वास लौटता दिखाई दिया।
प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक
वह प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और संगठन की समीक्षा करेंगे। यह बैठक जिला या प्रखंड स्तर पर भी हो सकती है। इसका उद्देश्य पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत करना है, ताकि आगामी चुनावों में बेहतर परिणाम मिल सकें।
नए संगठन की नींव
तेजस्वी यादव चुनावी हार के बाद पूरे संगठन की ओवरहॉलिंग करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। इसके तहत प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को हटाने जैसे बड़े फेरबदल की संभावना है। पिछले चुनाव में सवर्ण वोटर एकजुट होकर वोटिंग की, जिससे कई सीटों पर राजद को हार का सामना करना पड़ा। इसलिए जिला और प्रखंड स्तर पर संगठन में बदलाव अनिवार्य नजर आ रहा है।
भीतरघात पर कड़ी नजर
राजद के गलियारों में भीतरघात से पार्टी को सबसे अधिक नुकसान हुआ। तेजस्वी यादव यूरोप दौरे के दौरान भी पार्टी से मिली रिपोर्टों का अध्ययन करेंगे। दोषी पाए गए भीतरघाती नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यही उनका ऑपरेशन क्लीन होगा।
संगठन और पंचायत चुनाव 2026
मजबूत संगठन के साथ तेजस्वी यादव पंचायत चुनाव 2026 को गंभीरता से लेंगे। बिहार में पंचायत चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते, लेकिन उम्मीदवारों का अलाइनमेंट NDA या महागठबंधन के तहत होता है। तेजस्वी यादव इसके जरिए जातीय और सामाजिक समीकरण साधेंगे और अपने वोट बैंक को मजबूत करेंगे।
मकर संक्रांति के बाद यात्रा
सूत्रों के अनुसार, मकर संक्रांति के बाद तेजस्वी यादव बिहार के विभिन्न क्षेत्रों की यात्रा पर निकल सकते हैं। पार्टी प्रोग्राम बनाएगी, नेता सूची तैयार होगी, और अंततः तेजस्वी यादव की मंजूरी के बाद राजद की दुरुस्तगी और संगठन मजबूत करने का अभियान शुरू होगा।