
इस्लामाबाद: यमन को लेकर खाड़ी के दो महत्वपूर्ण देशों सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच बढ़ता तनाव पाकिस्तान के लिए गले की फांस बन गया है। दोनों देशों के साथ अहम रिश्ते रखने वाला पाकिस्तान अब असमंजस में है कि किसी युद्ध जैसी स्थिति में अपनी रणनीति क्या होगी।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर इस समय बेहद तनाव में हैं। पिछले साल सऊदी अरब के साथ हुए एक रणनीतिक रक्षा समझौते के तहत, अगर सऊदी पर किसी भी देश से हमला होता है तो इसे पाकिस्तान पर हमला माना जाएगा। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर सऊदी और UAE के बीच लड़ाई छिड़ती है तो क्या पाकिस्तान अपनी सेना को सऊदी अरब भेजेगा। पाकिस्तानी पत्रकार अबसार आलम के अनुसार, रक्षा समझौते की शर्तों के कारण पाकिस्तानी नेतृत्व के लिए यह निर्णय बेहद संवेदनशील है।
मीडिया पर नियंत्रण
इस बीच पाकिस्तानी सेना ने देश की मीडिया को UAE, सऊदी अरब और यमन के बीच विवाद पर रिपोर्टिंग को कम करने का निर्देश दिया है। अमेरिकी जांच एजेंसी ड्रॉप साइट न्यूज के अनुसार, सेना की मीडिया विंग ISPR ने पिछले सप्ताह कई मीडिया हाउसेज को संदेश भेजा था कि इस मामले पर कवरेज सीमित करें। प्रमुख अखबारों ने भी सरकार के बयान केंद्रित लेख प्रकाशित किए, जबकि कुछ रिपोर्ट्स वेबसाइट से हटा दी गईं।
सऊदी और UAE में बढ़ता तनाव
तनाव तब और बढ़ा जब सऊदी के नेतृत्व वाली गठबंधन सेनाओं ने यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर UAE से जुड़े हथियारों के शिपमेंट को निशाना बनाया। UAE ने आरोपों का खंडन किया। इसके बाद सऊदी समर्थित नेता रशाद अल-अलीमी ने UAE की सेनाओं को 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया। UAE ने तनाव कम करने के लिए अपनी सेना वापस लेने की घोषणा की। हाल ही में सऊदी गठबंधन ने यमन में STC के ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 20 अलगाववादी मारे गए।
पाकिस्तान के लिए चुनौतियां
सऊदी अरब पाकिस्तान का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता और वित्तीय मदद का स्रोत है। सऊदी में 20 लाख से अधिक पाकिस्तानी काम करते हैं। वहीं, UAE में भी लाखों पाकिस्तानी काम करते हैं और कई अमीर दुबई को अपने दूसरे घर के रूप में देखते हैं। ऐसे में पाकिस्तान के सामने यह चुनौती है कि यदि सऊदी और UAE में युद्ध जैसी स्थिति बनी तो अपनी नीति और कार्रवाई का संतुलन कैसे बनाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है और कोई भी निर्णय खाड़ी क्षेत्र में लंबे समय तक प्रभाव डाल सकता है।