Saturday, January 3

चीन में कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों की कीमत बढ़ाई, गिरती आबादी ने सरकार की चिंता बढ़ाई

 

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बीजिंग: चीन में गिरती जनसंख्या और बढ़ती बुजुर्ग आबादी को लेकर सरकार गंभीर चिंता में है। 2024 में देश की आबादी लगातार तीसरे साल घट गई, जबकि 60 साल से ऊपर की आबादी अब 20% से अधिक हो चुकी है। इसके कारण चीन “अमीर बनने से पहले बूढ़ा” होने के खतरे का सामना कर रहा है।

 

जनसंख्या बढ़ाने के प्रयासों के तहत चीन की सरकार ने 1 जनवरी से कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियों पर लंबे समय से लगी टैक्स छूट समाप्त कर दी है। अब इन उत्पादों पर 13% वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) लागू होगा। इस कदम का उद्देश्य लोगों को बच्चों की जन्मदर बढ़ाने के लिए प्रेरित करना और गर्भनिरोधक दवाओं की खरीदारी से रोकना है।

 

चीन की जन्म दर अब 1.16 प्रतिशत तक गिर चुकी है, जो जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए जरूरी 2.1 से काफी नीचे है। पिछले दशक में, 2014 में चीन की आबादी लगभग 136.8 करोड़ थी। 2016 में वन-चाइल्ड पॉलिसी समाप्त होने के बाद भी जन्म दर में इजाफा नहीं हुआ। 2022 में चीन की कुल आबादी पहली बार आधिकारिक रूप से घटकर 140.9 करोड़ हो गई।

 

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर जन्म दर में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दशकों में काम करने वाले लोगों की संख्या तेजी से घटेगी और बुजुर्गों का अनुपात बढ़ जाएगा। इसका मतलब है कि पेंशन और स्वास्थ्य खर्च बढ़ेंगे और देश की आर्थिक रफ्तार और धीमी हो जाएगी।

 

चीनी समाज पर दशकों तक लागू वन-चाइल्ड पॉलिसी का गहरा असर पड़ा है। जबरन गर्भपात, नसबंदी और सख्त सरकारी नियंत्रण ने लोगों की सोच और जीवनशैली को बदल दिया। 2016 में दो और बाद में तीन बच्चों की अनुमति देने के बावजूद समाज में बदलाव नहीं आया।

 

विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि सरकार की नीति में यह नया बदलाव जनसंख्या को बढ़ाने की दिशा में सिर्फ पहला कदम हो सकता है, क्योंकि चीन अब बच्चों की जन्मदर बढ़ाने और बुजुर्ग आबादी के बोझ को कम करने के लिए दबाव में है।

 

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