
नई दिल्ली: भारत में फास्ट-फूड की दुनिया में बड़ा बदलाव आने वाला है। KFC और Pizza Hut को चलाने वाली दो बड़ी कंपनियां सफायर फूड्स (SFIL) और देवयानी इंटरनेशनल (DIL) अब एक हो रही हैं। गुरुवार को हुई बोर्ड मीटिंग में इस मर्जर पर सहमति बन गई। मर्जर के बाद कंपनी के पास 3,000 से अधिक आउटलेट्स होंगे और कुल सालाना कारोबार लगभग 8,000 करोड़ रुपये तक पहुँच जाएगा।
भारत और विदेश में विस्तार:
नई कंपनी का कामकाज भारत के साथ-साथ नाइजीरिया, नेपाल, थाईलैंड और श्रीलंका तक फैल जाएगा। KFC, Pizza Hut और Taco Bell के अलावा कंपनी के पास कोस्टा कॉफी, टी लाइव, न्यू यॉर्क फ्राइज और सनूक किचन जैसे ग्लोबल ब्रांड्स के लाइसेंस भी होंगे। इसका मतलब है कि अब भारत में ये सभी ब्रांड्स एक बड़ी फ्रेंचाइजी कंपनी के तहत काम करेंगे।
शेयरधारकों के लिए क्या होगा:
मर्जर के नियमों के मुताबिक, सफायर फूड्स के 100 शेयरों के बदले निवेशकों को देवयानी इंटरनेशनल के 177 शेयर मिलेंगे। सफायर के प्रमोटर्स की 25.35% हिस्सेदारी में से 18.5% हिस्सा देवयानी इंटरनेशनल की ग्रुप कंपनी खरीदेगी, जबकि बाकी हिस्से का शेयर स्वैप के जरिए बदला जाएगा।
कितना समय लगेगा?
अमेरिका की कंपनी Yum! Brands ने इस मर्जर को मंजूरी दे दी है, लेकिन सरकारी और कानूनी अनुमोदन में 12 से 15 महीने का समय लग सकता है। इसके बाद ही मर्जर पूरी तरह प्रभावी होगा।
मकसद और फायदा:
देवयानी इंटरनेशनल इस मर्जर के जरिए जुबिलेंट फूडवर्क्स (Domino’s) को कड़ी टक्कर देने और मुनाफा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। देवयानी के चेयरमैन रवि जयपुरिया के अनुसार, मर्जर से खर्च कम होगा, टेक्नोलॉजी बेहतर होगी और सप्लाई चेन मजबूत होगी, जिसका सीधा लाभ शेयरधारकों और ग्राहकों को मिलेगा।
ग्राहकों के लिए खास:
अब KFC, Pizza Hut, कोस्टा कॉफी और Taco Bell जैसे ग्लोबल ब्रांड्स एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। इसका मतलब है कि ग्राहक एक ही जगह पर सभी पसंदीदा फास्ट-फूड का मज़ा ले सकेंगे।