
नई दिल्ली: देश की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन प्रोजेक्ट की गति बेहद धीमी है। अब तक इसमें 4 साल से ज्यादा की देरी हो चुकी है। शुरुआती अनुमानित लागत 1.1 लाख करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 1.98 लाख करोड़ रुपये हो गई है, यानी लगभग 83% की बढ़ोतरी।
कब शुरू होगी पहली ट्रेन:
प्रोजेक्ट का पहला हिस्सा, सूरत और बिलिमोरा के बीच, अगस्त 2027 तक शुरू होने की संभावना है। वहीं, पूरे 508 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिसंबर 2029 तक तैयार होने की उम्मीद है।
क्यों हुई देरी और लागत में वृद्धि:
रेलवे बोर्ड के CEO और चेयरमैन सतीश कुमार के अनुसार, देरी और लागत वृद्धि के पीछे मुख्य कारण हैं:
जमीन अधिग्रहण में विलंब
सरकारी मंजूरी में समय लगना
ट्रेनों (रोलिंग स्टॉक) को फाइनल करने में देरी
30 नवंबर 2025 तक इस प्रोजेक्ट का 55.6% काम पूरा हो चुका है, जबकि कुल खर्च 69.6% हो चुका था। अब तक 85,801 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
महत्वपूर्ण प्रगति:
महाराष्ट्र के पालघर जिले में प्रोजेक्ट की पहली डेढ़ किलोमीटर लंबी सुरंग (MT-5) पूरी हो गई है। यह विरार और बोईसर स्टेशनों के बीच है और मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए बनाई जाने वाली सात पहाड़ी सुरंगों में सबसे लंबी और पहली है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से अत्याधुनिक ड्रिल और ब्लास्ट तकनीक से 18 महीने में पूरी की गई।
देश के लिए अहम प्रोजेक्ट:
इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के पूरा होने से यात्रा का समय काफी कम होगा और देश में हाई-स्पीड रेल का नया युग शुरू होगा। हालांकि बढ़ती लागत और देरी ने चिंताएं बढ़ा दी हैं, लेकिन सरकार इसे जितनी जल्दी हो सके पूरा करने की कोशिश कर रही है।