
नई दिल्ली: पिछले साल सोना और चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व तेजी देखने को मिली। सोने की कीमत में 62% और चांदी में 144% का जबरदस्त उछाल आया। यह दशकों में दर्ज की गई सबसे बड़ी तेजी में से एक थी। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में भी यह रुझान जारी रह सकता है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
क्या कहते हैं जानकार
ईटी ने 10 प्रमुख कमोडिटी विशेषज्ञों से सोना और चांदी की आगामी कीमतों के बारे में राय मांगी। सभी का मानना है कि कीमतें ऊपर जाएंगी। इनमें से 80% विशेषज्ञों का अनुमान है कि चांदी सोने से बेहतर प्रदर्शन करेगी।
अनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के कमोडिटीज और करेंसी डायरेक्टर नवीन माथुर का कहना है कि “2026 में सोने और चांदी दोनों के लिए मजबूत फंडामेंटल हैं। सोना स्थिर रूप से अच्छा प्रदर्शन करेगा, जबकि चांदी में उतार-चढ़ाव अधिक होंगे, लेकिन प्रतिशत के हिसाब से यह सोने से आगे निकल सकती है।”
चांदी की कीमतों की भविष्यवाणी
जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमत $100 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसकी कीमत $80-110 प्रति औंस के दायरे में रहेगी, जिसमें $110 तक पहुंचने की संभावना भी है।
बढ़त के पीछे की वजहें
2025 में सोना-चांदी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली संपत्तियों में शामिल रही। सोने में तेजी का मुख्य कारण था सेंट्रल बैंकों की खरीदारी, ब्याज दरों में संभावित कमी, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और डॉलर का कमजोर होना। चांदी में उछाल की वजह रही बढ़ती कमी और इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ते उद्योग जैसे सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और AI में होना।
निवेशकों के लिए सलाह
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि चांदी में औद्योगिक और निवेश दोनों प्रकार की मांग मजबूत है। इस कारण 2026 में भी इसकी कीमतों में स्थिरता बने रहने की संभावना है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के नवनीत दमानी का सुझाव है कि हालिया तेजी के बाद निवेश में सावधानी बरतना जरूरी है। “निवेशक तुरंत खरीदारी न करें। कीमतों में 7-10% की गिरावट आने पर ही खरीदारी करना बेहतर रहेगा।”
निष्कर्ष:
सोना और चांदी दोनों ही सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। हालांकि, पिछले साल की तेजी के बाद निवेशकों को धैर्य और सतर्कता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।