Monday, January 12

गाजियाबाद में ‘धुरंधर’ फिल्म का शो बीच में रोका गया, बच्चों के साथ आए दर्शकों से विवाद आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर मॉल में हंगामा, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (आरडीसी) के गौर मॉल में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म ‘धुरंधर’ का शो बीच में ही रोक दिया गया। बच्चों के साथ फिल्म देखने पहुंचे दर्शक अचानक शो बंद होने से हैरान रह गए। इसके बाद थिएटर स्टाफ और दर्शकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद और हंगामे में बदल गई।

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शो के दौरान कुछ दर्शकों ने आपत्ति जताई कि फिल्म में लगातार गाली-गलौज और आपत्तिजनक संवाद हैं। हालांकि कई शब्दों को बीप किया गया था, लेकिन फिर भी कंटेंट बच्चों के लिए अनुचित बताया गया। इसी बीच थिएटर स्टाफ ने यह कहते हुए फिल्म रोक दी कि ‘धुरंधर’ को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से ‘A’ यानी एडल्ट सर्टिफिकेट मिला है और 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को इसे देखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

बहस बढ़ी, हाथापाई की नौबत
शो रोके जाने के बाद दर्शकों ने थिएटर प्रबंधन से सवाल किए कि जब फिल्म एडल्ट कैटेगरी की है, तो बच्चों के साथ टिकट कैसे बुक हो गई। संतोषजनक जवाब न मिलने पर नाराजगी बढ़ती गई और बहस इतनी तीखी हो गई कि धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख मॉल के सुरक्षा गार्डों को बीच-बचाव करना पड़ा।

घटना का वीडियो कई दर्शकों ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि दर्शक थिएटर की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं और बच्चों की मौजूदगी को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।

थिएटर प्रबंधन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद थिएटर प्रबंधन की टिकटिंग व्यवस्था और कंटेंट जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दर्शकों का कहना है कि अगर फिल्म एडल्ट सर्टिफिकेट वाली थी, तो टिकट बुकिंग के समय उम्र की जांच क्यों नहीं की गई।

पुलिस जांच में जुटी
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने संज्ञान लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो फुटेज और दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना न केवल थिएटर प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करती है कि एडल्ट सर्टिफिकेट वाली फिल्मों के प्रदर्शन और टिकट बिक्री में नियमों का पालन कितना सख्ती से किया जा रहा है।

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