Monday, June 15

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शहबाज शरीफ की बड़ी बेइज्जती: पुतिन-एर्दोगन मीटिंग में बिन बुलाए घुसा, इस्लामाबाद की शर्मिंदगी बढ़ी

इस्लामाबाद/तुर्कमेनिस्तान: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तुर्कमेनिस्तान में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में ऐसा कदम उठाया, जिसने पाकिस्तान को भारी राजनीतिक और कूटनीतिक शर्मिंदगी में डाल दिया। रूस और तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष व्लादिमीर पुतिन और रेचेप तैयप एर्दोगन की बंद कमरे की बैठक में शहबाज शरीफ बिना बुलाए ही प्रवेश कर गए, जिससे वहां मौजूद अधिकारी और दुनिया हैरान रह गए।

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40 मिनट तक बेसब्री से इंतजार
वीडियो फुटेज के अनुसार, शहबाज शरीफ करीब 40 मिनट तक पुतिन का इंतजार करते रहे। पुतिन समय पर नहीं पहुंचे तो शरीफ ने अचानक मीटिंग रूम में प्रवेश कर लिया। इस दौरान रूसी और तुर्की अधिकारियों की प्रतिक्रिया साफ तौर पर हैरानी भरी थी। रूसी टेलीविजन RT इंडिया ने इस वीडियो को पोस्ट किया था, जिसे बाद में हटा दिया गया।

पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि पर सवाल
विश्लेषकों के मुताबिक, शहबाज शरीफ का यह कदम पाकिस्तान की बढ़ती राजनयिक असुरक्षा को उजागर करता है। पुतिन और एर्दोगन की द्विपक्षीय बातचीत में बिना बुलाए घुसने से पाकिस्तान की गहरी राजनीतिक अस्थिरता और सेना के नियंत्रण की वास्तविकता भी सामने आई।

जियोपॉलिटिकल दबदबे में कमी
पाकिस्तान में सत्ता का असली नियंत्रण सेना प्रमुख असीम मुनीर के हाथ में है, जबकि शरीफ दुनिया को अपनी मौजूदगी दिखाना चाहते हैं। यह घटना साफ संकेत देती है कि पाकिस्तान बड़ी शक्तियों के साथ रणनीतिक रिश्ते बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है और उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि कमजोर पड़ती जा रही है।

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