मेरठ: पारस–रूबी कांड में प्रेम या साजिश? जेल में दावों से उलझा मामला
मेरठ। कपसाड़ गांव से जुड़ा पारस सोम–रूबी जाटव मामला अब सिर्फ प्रेम प्रसंग नहीं रह गया है, बल्कि हत्या, अपहरण और साजिश के गंभीर आरोपों में उलझ गया है। जेल में पारस सोम ने अपने वकीलों के सामने जो कहानी बताई, वह पुलिस और पीड़ित परिवार के आरोपों से बिल्कुल उलट है।
पारस का दावा:
पारस और रूबी तीन साल से एक-दूसरे को जानते थे। फरवरी 2024 में रूबी के भाई की शादी के दौरान घुड़चढ़ी में उनकी दोस्ती शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। परिवारों की आपत्ति के बाद 10 सितंबर 2024 को पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता कराया कि पारस रूबी से संपर्क नहीं करेगा। हालांकि, जब रूबी की शादी तय हुई, तब पारस फिर से संपर्क में आया और उसने रूबी के साथ गांव से भागने की योजना बनाई।
पारस का कहना है कि रूबी ने अपनी मर्जी से उसके साथ भागा और उसने न तो अपहरण किया, न कोई जबरदस्ती की।...










