Friday, January 16

मुजफ्फरनगर: नौकरी के बहाने युवाओं को कंबोडिया में भेजकर साइबर गुलामी, दो गिरफ्तार, सरगना फरार

 

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मुजफ्फरनगर। साइबर क्राइम पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी और साइबर फ्रॉड के गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह युवाओं को आकर्षक नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजता और उन्हें वहां जबरन साइबर अपराध करने के लिए मजबूर करता था।

 

शाहपुर थाना क्षेत्र के तावली गांव निवासी शहाबुद्दीन ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके बेटे वसीम समेत कई युवाओं को कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का लालच देकर विदेश भेजा गया। कंबोडिया पहुंचते ही पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और उन्हें मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न झेलना पड़ता था।

 

गिरफ्तारी और जांच:

पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों, आस मोहम्मद और जावेद को गिरफ्तार किया है। उनके पास से तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद हुए हैं। गिरोह का मुख्य सरगना अनवर अहमद अंसारी उर्फ शाबरी अभी फरार है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि फंसे भारतीय युवाओं को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये का साइबर फ्रॉड किया गया। अकेले मुजफ्फरनगर से जुड़े फ्रॉड की राशि लगभग 50 करोड़ रुपये हो सकती है। जांच में दिल्ली की एक बिना रजिस्टर्ड कंसलटेंसी कंपनी का नाम भी सामने आया है, जो युवाओं को विदेश भेजने का काम करती थी।

 

कंबोडिया से लौटे वसीम ने युवाओं से भावुक अपील की कि किसी भी देश में नौकरी के लालच में न जाएं। उन्होंने कहा कि वहां भारतीयों को अपने ही देश के लोगों को ठगने के लिए मजबूर किया जाता है और भारत जैसा सुरक्षित देश कहीं नहीं है।

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