Tuesday, February 24

राहुल गांधी का पलटवार: “शर्म की बात मैं बताता हूं” — सरकार पर तीखा हमला

नई दिल्ली, 23 फरवरी 2026। देश की सियासत में सोमवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी आप शर्म की बात करते हैं? शर्म की बात मैं आपको बताता हूं।”

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राहुल गांधी ने अपने बयान में तथाकथित ‘एप्सटीन फाइल’ का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, उनके मंत्रियों और सहयोगियों का नाम ऐसे व्यक्ति के साथ जोड़ा जाना “शर्म की बात” है। उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर आरोपों पर देश को स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए।

लोकतांत्रिक विरोध और व्यापार समझौते पर सवाल

कांग्रेस नेता ने अपने वीडियो में कहा कि लोकतांत्रिक और अहिंसक विरोध प्रदर्शन को शर्मनाक बताना गलत है। उनके अनुसार, असली शर्म की बात अमेरिका के साथ हुआ व्यापार समझौता है, जिसमें “देश का डेटा सौंप दिया गया” और किसानों तथा कपड़ा उद्योग को नुकसान पहुंचाया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि “प्रधानमंत्री अहिंसा और लोकतांत्रिक विरोध से क्यों डरते हैं?” राहुल गांधी ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता देशहित के मुद्दों पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।

एआई इम्पैक्ट समिट से शुरू हुआ विवाद

यह बयान उस टिप्पणी के बाद आया है जो प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit के दौरान की थी। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा था कि पार्टी ने एक वैश्विक मंच को अपनी “गंदी और नंगी राजनीति” का अखाड़ा बना दिया है।

प्रधानमंत्री ने यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को भी शर्मनाक करार दिया था और कहा था कि इतनी पुरानी पार्टी के नेताओं को देश की छवि का ध्यान रखना चाहिए।

अडानी मामले का भी जिक्र

राहुल गांधी ने उद्योगपति Gautam Adani से जुड़े अमेरिका में चल रहे मामलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि 14 महीनों से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने इसे भाजपा के “फाइनेंशियल आर्किटेक्चर” से जोड़ते हुए सरकार पर पारदर्शिता और जवाबदेही के सवाल उठाए।

सियासी तापमान में बढ़ोतरी

राहुल गांधी के इस वीडियो संदेश ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। एक ओर कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक प्रेरित बता रही है।

आगामी दिनों में संसद और सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे पर बहस और तेज होने की संभावना है। देश की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इन आरोपों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है।

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