
पटना: बिहार के चर्चित ‘लव गुरु’ मटुकनाथ चौधरी एक बार फिर चर्चा में हैं। 2006 में पटना यूनिवर्सिटी के अधेड़ प्रोफेसर और उनकी छात्रा जूली की प्रेम कहानी ने देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं। अब 72 साल की उम्र में मटुकनाथ की जिंदगी में जूली नहीं, बल्कि एक रहस्यमयी महिला ‘जानू’ ने जगह बनाई है।
‘जानू’ के साथ अनोखा संवाद
मटुकनाथ ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि यह महिला उनसे प्यार करती है, लेकिन प्यार की शर्त अनोखी थी—वह चाहती थी कि मटुकनाथ उसकी रचनाओं को पढ़ें और टिप्पणी करें।
प्रोफेसर ने सवाल उठाया:
“क्या यह प्रेम है या ड्यूटी? प्रेम में कोई सौदा नहीं होता।”
महिला ने जवाब दिया:
“आप किस लायक हैं कि मैं आपको प्यार के बदले प्यार दूँ? आप जिस लायक हैं, वही काम आपसे लूंगी—पढ़ो और लिखो।”
महिला ने आगे कहा:
“तुम केवल प्यास जगा सकते हो, बुझा नहीं सकते।”
‘जानू’ ने बदल दी कहानी
महिला की बातें सुनकर मटुकनाथ हार मान चुके थे। लेकिन कुछ समय बाद वही महिला फोन पर पूछती है:
“मुझसे नाराज हो जानू?”
मटुकनाथ लिखते हैं:
“हाय, इस ‘जानू’ शब्द को सुनते ही जान में जान आ गई। मुरझा रहा पौधा तुरंत हरा हो गया।”
इसके बाद प्रोफेसर ने वादा किया कि वह अब उनकी रचनाएं पढ़ेंगे और टिप्पणियां करेंगे, ताकि उनसे जुड़ाव बना रहे।
जूली की यादें
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मटुकनाथ और जूली की कहानी 2006 में शुरू हुई थी।
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इश्क वाले विवाद के कारण उन्हें पटना यूनिवर्सिटी से बर्खास्त किया गया, लेकिन बाद में कानूनी लड़ाई जीतकर 2013 में बहाल हुए।
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बहाल होने के बाद जूली के साथ जीत का जश्न मनाया और उन्हें कार उपहार में दी।
नोट: आज भी बिहार के लोग मटुकनाथ को जूली के ‘लव गुरु’ के रूप में याद करते हैं, लेकिन अब उनके जीवन में नई कहानी ‘जानू’ ने जगह बना ली है।
