
मुंबई, 19 फरवरी 2026 – अंबानी परिवार में आई नई बहू ने अपने ब्राइडल लुक से सभी की नजरें अपनी ओर खींच ली हैं। खास बात यह है कि इस लहंगे में न तो सिल्क है, न कॉटन, बल्कि इसे मेटल के धागों और मुगल काल की कसाब तकनीक से तैयार किया गया है। इसकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये बताई जा रही है और इसे बनाने में 15,000 घंटे का समय लगा।
मुगल काल की कसाब तकनीक
लहंगे को डिजाइन करने वाली Monica और Karishma Shah की टीम ने इसे पूरी तरह हाथ से तैयार किया। कसाब तकनीक में सोने या चांदी के बारीक धागों का इस्तेमाल होता है, जिसे पारंपरिक कपड़ों में कढ़ाई के लिए प्रयोग किया जाता है। इस लहंगे में पूरे कपड़े की जगह मेटल के धागों से 3D मोटिफ्स जैसे बेल, बूटा और जालीदार पैटर्न तैयार किए गए।
15,000 घंटे की मेहनत
लहंगे पर प्रत्येक कली में 7-8 इंटरलेसिंग टेक्निक का इस्तेमाल किया गया। स्वारोस्की क्रिस्टल, पिकॉक मोटिफ और टील एसेंट्स ने इसे और भी रॉयल लुक दिया। डिजाइनरों का कहना है कि यह लहंगा नहीं, बल्कि जूलरी है जिसे लहंगे की तरह डिजाइन किया गया।
चोली और दुपट्टा
लहंगे की चोली भी खास तकनीक Macrame इंजीनियरिंग से तैयार की गई। धागों को गांठों के जरिए बांधकर इसकी मजबूती और शेप तय की गई। दुपट्टे को गोल्ड हवा जाली से बनाया गया, जो लहंगे के पेस्टल शेड्स और क्रिस्टल की चमक से मेल खाता है।
रॉयल जूलरी और फाइनल लुक
दुल्हन ने डायमंड, रूबी और पर्ल्स से सजी जूलरी पहनी। रूबी पेंडेंट वाला डायमंड चोकर, डायमंड नेकलेस, मांग टीका, झुमके, नथ, रिंग और चूड़ियां लुक को संपूर्ण बनाती हैं। न्यूड मेकअप और मरून बिंदी के साथ यह लुक ब्राइडल ग्लैमर में चार चाँद लगा देता है।
अंबानी परिवार की इस नई बहू ने इस यूनिक और रॉयल लुक से साबित कर दिया कि ब्राइडल फैशन में पारंपरिक तकनीक और मॉडर्न ज्वेलरी का बेहतरीन मेल कैसे बनाया जा सकता है।
