
छिंदवाड़ा: जिले की राजनीति में भूचाल ला देने वाले एक मामले में परासिया नगर पालिका के अध्यक्ष विनोद मालवीय को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया। उन पर महिलाओं से अनुचित व्यवहार, उनकी गोपनीय बातचीत को बिना अनुमति रिकॉर्ड करने, आईटी से जुड़े अपराध और कमीशनखोरी जैसे आरोप लगे हैं। गिरफ्तारी चांदामेटा पुलिस ने की।
महिलाओं से अभद्रता और गोपनीय रिकॉर्डिंग के आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मालवीय के खिलाफ महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार और उनकी निजी बातचीत को बिना अनुमति रिकॉर्ड करने का मामला दर्ज है। शिकायत के बाद जांच शुरू की गई और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की गई। आईटी एक्ट के तहत डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने गोपनीय तरीके से कार्रवाई करते हुए मंगलवार रात उन्हें गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले आरोपी कुछ समय तक पुलिस की नजरों से दूर था।
कमीशन मांगने का कथित ऑडियो वायरल
इस प्रकरण ने तब और तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक ठेकेदार से कथित रूप से कमीशन मांगने का ऑडियो वायरल हुआ। ऑडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। हालांकि पुलिस द्वारा ऑडियो की सत्यता की जांच जारी है, इसने मामला व्यापक चर्चा में ला दिया।
BJP ने किया छह साल के लिए निष्कासन
आरोपों के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक दबाव भी बढ़ा। पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते भारतीय जनता पार्टी ने विनोद मालवीय को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। पार्टी ने इसे शिष्टाचार और संगठनात्मक मर्यादा के विरुद्ध आचरण माना।
मेडिकल जांच के बाद न्यायालय में पेशी
चांदामेटा थाना प्रभारी खेलचंद पटले ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण कराया गया। बुधवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि डिजिटल उपकरणों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की जा सके।
शहर में राजनीतिक भूचाल
नगर पालिका अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद परासिया में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्ष ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की, वहीं आम नागरिकों के बीच भी आक्रोश और चर्चा का माहौल है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और नए खुलासे हो सकते हैं।
