Wednesday, February 18

ग्वालियर नगर निगम को वित्तीय संकट, कर्मचारियों को वेतन देने के लिए बैंक से 15 करोड़ का ओवरड्राफ्ट

ग्वालियर: ग्वालियर नगर निगम गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। निगम के पास कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने के लिए पर्याप्त फंड नहीं है। इस स्थिति में कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के लिए निगम को अपनी 20 करोड़ रुपये की एफडी पर 15 करोड़ रुपये का ओवरड्राफ्ट लेना पड़ा है।

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लगातार बिगड़ती आर्थिक स्थिति

नगर निगम की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। निगम द्वारा हर माह लगभग 18 करोड़ रुपये वेतन और पेंशन के रूप में कर्मचारियों के खातों में ट्रांसफर किए जाते हैं। फंड की कमी के कारण यह भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है। निगम की 20 करोड़ रुपये की एफडी पर 15 करोड़ रुपये तक ओवरड्राफ्ट की अनुमति 0.25 प्रतिशत ब्याज दर पर प्राप्त की गई है।

महापौर डॉ. शोभा सिकरवार की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मेयर इन काउंसिल (MIC) की बैठक में इस कदम को स्वीकृत किया गया। बैठक में निगम की बिगड़ती वित्तीय स्थिति, कर्मचारियों की वेतन भुगतान समस्याओं और जरूरी विकास कार्यों में रुकावटों पर चर्चा हुई।

जनता से जुड़े काम भी प्रभावित

नगर निगम की खराब वित्तीय हालत के कारण शहर में विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। सड़कों का निर्माण, गली-मोहल्लों की सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं के काम लगातार अटके हुए हैं। मुख्य मार्गों को छोड़ दें तो अधिकांश कालोनियों की सड़कें जर्जर स्थिति में हैं।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय और जांच

बैठक में विद्युत केबल खरीद के मामले में भी जांच कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। महापौर ने दो प्रभारी सदस्यों के साथ एक रिटायर अधिकारी को कमेटी में शामिल कर जांच कराने के आदेश दिए। इसके अलावा, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों की आरएफपी शर्तों में संशोधन की पुष्टि की गई।

बैठक में शामिल प्रमुख सदस्य थे: अवधेश कौरव, नाथूराम ठेकेदार, शकील मंसूरी, विनोद यादव माठू, गायत्री मंडेलिया, प्रेमलता जैन, संध्या कुशवाह, अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव, प्रदीप तोमर, मुनीष सिंह सिकरवार, अपर आयुक्त वित्त रजनी शुक्ला

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