
पटना: बिहार कैडर के सीनियर आईएएस अधिकारी निलेश रामचंद्र देवरे अपने परिवार के साथ चार्टर्ड फ्लाइट से यात्रा करने के मामले में विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। आरजेडी और कांग्रेस ने सवाल उठाया कि अधिकारी ने यह महंगी यात्रा कैसे की और इसका भुगतान किसने किया।
सूत्रों के अनुसार, देवरे ने पिछले साल जून 2025 में दिल्ली से पटना तक अपने परिवार के साथ चार्टर्ड विमान ‘किंग एयर फाल्कन 2000’ से सफर किया। विपक्षी विधायक राहुल शर्मा ने बिहार विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए पूछा कि क्या अधिकारी के लिए ऐसी सुविधा लेना उचित था और क्या सरकार ने इसके लिए अनुमति दी थी।
वहीं, बिहार सरकार ने दावा किया कि विमान पहले से ही पटना लौट रहा था और उसमें खाली सीटें थीं। ऐसे में देवरे ने इन्हीं खाली सीटों का उपयोग किया, न कि कोई दुरुपयोग किया।
विवाद में घुसा जातिगत मुद्दा
विवाद ने नया मोड़ तब लिया जब बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने देवरे की दलित जाति को लेकर पलटवार किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या दलित होने के कारण अधिकारी को विमान में यात्रा करने का अधिकार नहीं है।
राहुल शर्मा ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा कि पूरे देवरे के कार्यकाल का ऑडिट होना चाहिए। उन्होंने कहा, “लोग टेम्पो की सवारी के लिए नहीं बल्कि निजी विमान की सुविधा के लिए पैसे नहीं देते। बिहार में भ्रष्टाचार के ऐसे गंभीर आरोप हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
वहीं, विपक्ष का कहना है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और पारदर्शिता की कमी पर गहन जांच की जानी चाहिए।
बिहार में यह मामला न केवल चार्टर्ड फ्लाइट की सुविधा तक सीमित रह गया, बल्कि जातिगत राजनीति और सियासी आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बन गया है।
