Tuesday, May 26

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मालिक पर बाघ ने किया हमला, ढाल बनकर भिड़ गईं तीन भैंसें

पश्चिम चंपारण। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से इंसान और जानवर के बीच विश्वास व वफादारी की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। सहोदरा थाना क्षेत्र के शेरवा मंडिहा गांव में एक युवक पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया, लेकिन युवक की जान बचाने के लिए उसके साथ मौजूद तीन भैंसें ढाल बनकर बाघ से भिड़ गईं। भैंसों के जोरदार हमले के आगे शिकारी बाघ को पीछे हटना पड़ा और वह जान बचाकर झाड़ियों में भाग गया।

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नदी घाट पर घात लगाकर बैठा था बाघ

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह शेरवा मंडिहा गांव निवासी साहेब यादव का 23 वर्षीय पुत्र उपेंद्र कुमार अपनी सात भैंसों को चराने निकला था। करीब सुबह 9:30 बजे वह पंडई नदी के घाट पर भैंसों को नहला रहा था, तभी झाड़ियों में छिपकर बैठे बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बाघ ने उपेंद्र को दबोच लिया और गंभीर रूप से घायल कर दिया।

भैंसों ने दिखाई बहादुरी, सींगों से किया घायल

बाघ के हमले से उपेंद्र की हालत नाजुक हो गई थी, लेकिन खतरा भांपते ही झुंड में मौजूद तीन भैंसें तुरंत बाघ पर टूट पड़ीं। भैंसों ने अपने नुकीले सींगों से बाघ पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर पीछे हटने पर मजबूर हो गया। भैंसों की आक्रामकता और साहस को देखकर बाघ मौके से भागकर फिर से झाड़ियों में जा छिपा।

इस संघर्ष में तीनों भैंसें भी घायल हो गईं, लेकिन उन्होंने अपने मालिक को बचाकर एक मिसाल पेश कर दी।

अस्पताल में भर्ती युवक खतरे से बाहर

उपेंद्र के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उसे गंभीर अवस्था में गौनाहा रेफरल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के डॉक्टर सचिन कुमार के अनुसार, उपेंद्र के पेट और कमर पर गहरे जख्म हैं। अस्पताल लाते समय वह बेहोश था, हालांकि अब उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।वन विभाग अलर्ट, टीम रवाना

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग भी हरकत में आ गया। रेंजर सुनील कुमार पाठक ने बताया कि सूचना मिलते ही वन कर्मियों की टीम को मौके पर भेज दिया गया है ताकि बाघ की लोकेशन का पता लगाया जा सके और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इलाके में बढ़ी चिंता, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

बाघ के हमले के बाद गांव के लोग सहमे हुए हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगल और नदी किनारे अकेले न जाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।

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