Sunday, June 21

This slideshow requires JavaScript.

यूरोप-भारत ट्रेड डील से ऑस्ट्रेलिया सीखे सबक, थिंक टैंक ने भारतीय कूटनीति की तारीफ की

कैनबरा/नई दिल्ली: यूरोपीय संघ और भारत के बीच जनवरी में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक लोवी इंस्टीट्यूट ने एक स्टडी रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि यह समझौता केवल दो बड़ी लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ता ही नहीं है, बल्कि वैश्विक व्यापार प्रवाह और भू-राजनीतिक संतुलन को भी नया आकार दे रहा है।

This slideshow requires JavaScript.

लोवी इंस्टीट्यूट के अनुसार, भारत ने यूरोपीय संघ के साथ यह डील रणनीतिक रूप से सटीक समय पर की है। यह समझौता भारत की बढ़ती हुई “आक्रामक ट्रेड डिप्लोमेसी” को और मजबूती देता है, जिसके तहत भारत ने ऑस्ट्रेलिया, UAE, यूनाइटेड किंगडम, ओमान, न्यूजीलैंड और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन देशों के साथ व्यापारिक समझौते पूरे किए हैं या आगे बढ़ाए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि यूरोपीय संघ के साथ भारत की सेवाओं की प्रतिबद्धताएं — खासकर वित्तीय और समुद्री क्षेत्र में — अन्य किसी भी साझेदार से कहीं अधिक हैं। यह समझौता सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी और भरोसे पर आधारित कूटनीति का उदाहरण है।

लोवी इंस्टीट्यूट ने ऑस्ट्रेलियाई नीति निर्माताओं को सलाह दी है कि इस डील को एक केस स्टडी के रूप में देखा जाए, जो वैश्विक नियम-आधारित प्रणाली को फिर से लिखने का संकेत देता है। जैसे-जैसे चीन और अमेरिका के साथ जोखिम कम करने की कोशिशें बढ़ रही हैं, भारत-ईयू समझौता बहुध्रुवीय आर्थिक व्यवस्था में लचीली और रणनीतिक साझेदारी की दिशा दिखाता है।

थिंक टैंक ने निष्कर्ष में लिखा है कि “नई दिल्ली और ब्रुसेल्स में चुपचाप इतिहास लिखा जा रहा है। वैश्विक व्यवस्था को फिर से डिजाइन किया जा रहा है, और जो देश साझेदारी को प्राथमिकता देंगे, वे इसके नए नियमों को परिभाषित करेंगे।”

Leave a Reply