
जोधपुर। राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। साध्वी को आश्रम में एक कंपाउंडर द्वारा डेक्सोना इंजेक्शन लगाए जाने के महज पांच मिनट बाद उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद पुलिस ने कंपाउंडर को हिरासत में लेकर आश्रम को सील कर दिया है। फिलहाल पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच का इंतजार किया जा रहा है।
खांसी-जुकाम की शिकायत, इंजेक्शन बना आखिरी इलाज
साध्वी के पिता ब्रह्म नाथ ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी को खांसी-जुकाम की शिकायत थी। इसी के चलते आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाया गया। उसने साध्वी को डेक्सोना का इंजेक्शन लगाया, लेकिन इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों में उनकी हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने मौके से इंजेक्शन का खाली खोल जब्त कर लिया है और यह जांच की जा रही है कि दवा सही थी या उसमें कोई मिलावट की गई थी।
क्या डेक्सोना बन सकता है मौत की वजह?
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार डेक्सोना एक स्टेरॉयड दवा है, जिसका उपयोग एलर्जी और सूजन जैसी गंभीर स्थितियों में किया जाता है। आमतौर पर यह तत्काल मौत का कारण नहीं बनती, लेकिन यदि गलत डोज, एलर्जी रिएक्शन या किसी अन्य पदार्थ की मिलावट हो, तो खतरा बढ़ सकता है। पुलिस इसी एंगल से जांच को आगे बढ़ा रही है।
सुसाइड नोट और इंस्टाग्राम पोस्ट ने बढ़ाया रहस्य
मौत के करीब चार घंटे बाद एक कथित सुसाइड नोट और इंस्टाग्राम पोस्ट सामने आए, जिसमें ‘न्याय’ की मांग की गई थी। बाद में पिता ने खुलासा किया कि साध्वी के कहने पर उनके एक परिचित गुरु महाराज ने मोबाइल से यह पोस्ट डाली थी। इस खुलासे के बाद मामला और भी पेचीदा हो गया है।
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच, सोशल मीडिया गतिविधियों और सीसीटीवी फुटेज खंगालने के निर्देश दिए हैं।
आश्रम सील, हर एंगल से जांच
पुलिस ने आश्रम को सील कर सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला मेडिकल लापरवाही का है या इसके पीछे कोई साजिश छिपी है।
फिलहाल साध्वी प्रेम बाईसा की मौत एक गंभीर रहस्य बनी हुई है, जिसने श्रद्धालुओं और आम लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।