Wednesday, June 17

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गाजियाबाद डीएम ने जमीन विवाद के मामलों में सही धाराओं में केस दर्ज कराने की दी सलाह

 

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गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बढ़ रहे जमीन विवाद के मामलों के बीच जिलाधिकारी (डीएम) रविंद्र कुमार मांदर की पहल चर्चा में है। डीएम ने जनता दर्शन कार्यक्रमों के दौरान आने वाले जमीन विवाद से जुड़े मामलों के निपटान के लिए उचित धाराओं के तहत आवेदन और केस दर्ज कराने का संदेश सोशल मीडिया पर साझा किया, जो वायरल हो रहा है।

 

डीएम ने कहा कि जमीन मापी और मेढ़ बंदी के मामलों के लिए राजस्व संहिता के धारा 24 के तहत आवेदन किया जाना चाहिए। वहीं, बंटवारे से जुड़े मामलों में धारा 116 के तहत केस फाइल करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इससे मामलों की सुनवाई तेज होगी और अंतिम न्याय मिलने में देरी नहीं होगी।

 

डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि धारा 24 के तहत मेढ़ बंदी के मामलों में सुनवाई 90 दिन के भीतर पूरी हो जाती है, जबकि धारा 116 के तहत बंटवारे के मामलों में छह महीने के भीतर फैसला आ जाता है। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे मामलों में वकील से परामर्श लेकर तहसील स्तर पर आवेदन करें, ताकि न्याय त्वरित और प्रभावी तरीके से मिल सके।

 

डीएम ने कहा कि कई मामलों में लोग छह से दस साल तक जमीन की पैमाइश या बंटवारा नहीं करवा पाते, क्योंकि उचित धाराओं के तहत आवेदन नहीं किए जाते। उन्होंने लोगों से स्थायी समाधान के लिए सही प्रक्रियाओं का पालन करने की बात कही।

 

डीएम ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि राज्य सरकार ने जमीन विवाद के मामलों के लिए नियम बनाए हैं। यदि इन नियमों के तहत कार्रवाई की जाए तो लोगों को त्वरित न्याय मिल सकता है।

 

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