
नई दिल्ली।
दलाल स्ट्रीट पर बीते सोमवार को कमजोरी देखने को मिली, लेकिन इसके बावजूद चुनिंदा शेयरों में मजबूती के संकेत उभरकर सामने आए हैं। वैश्विक स्तर पर टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं, कमजोर तिमाही नतीजों, डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के कारण निवेशकों की धारणा दबाव में रही। इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर भी दिखा।
बंबई शेयर बाजार (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 324.17 अंक यानी 0.39 फीसदी टूटकर 83,246.18 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 672 अंक तक फिसल गया था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 108.85 अंक यानी 0.42 फीसदी की गिरावट के साथ 25,585.50 अंक पर बंद हुआ।
रिलायंस और ICICI Bank पर बिकवाली का दबाव
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में सबसे ज्यादा 3.04 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ICICI Bank के शेयर 2.26 फीसदी टूटे। टाइटन, अडानी पोर्ट्स, टीसीएस और अल्ट्राटेक सीमेंट भी नुकसान में रहे।
हालांकि, इंडिगो (InterGlobe Aviation), टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर और बजाज फाइनेंस के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली और ये मजबूती के साथ बंद हुए।
इन शेयरों में दिख रही मजबूत खरीदारी
बाजार की गिरावट के बीच कुछ स्टॉक्स ऐसे रहे, जिन्होंने निवेशकों का भरोसा कायम रखा। Jindal Saw, Welspun Corp, JSW Infrastructure, CG Power and Industrial Solutions, ABB Power, InterGlobe Aviation और Polycab India जैसे शेयरों ने अपना 52 सप्ताह का उच्च स्तर पार कर लिया है। तकनीकी संकेतों के मुताबिक, यह इन शेयरों में आगे भी तेजी जारी रहने का संकेत माना जा रहा है।
इन स्टॉक्स में मंदी के संकेत
दूसरी ओर, तकनीकी संकेतक MACD ने Wipro, RBL Bank, IDBI Bank, MRPL, HBL Power, Reliance Infrastructure और Jubilant Pharmova के शेयरों में मंदी के संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन शेयरों में फिलहाल दबाव बना रह सकता है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच विशेषज्ञ चुनिंदा मजबूत शेयरों पर नजर बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। मजबूत फंडामेंटल और सकारात्मक तकनीकी संकेत वाले शेयरों में ही निवेश करना फिलहाल बेहतर रणनीति मानी जा रही है।