
नई दिल्ली: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने दिल्ली और एनसीआर में हाईवे पर लगने वाले ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या को खत्म करने के लिए एमसीडी को निर्देश दिया है कि वह हाईवे पर बने अपने टोल प्लाजा हटा दे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद अभी तक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
NHAI के अधिकारियों ने 10 जनवरी को एमसीडी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर टोल प्लाजा हटाने के मुद्दे पर चर्चा की। बैठक में सभी को नवंबर में भेजे गए पत्र की याद दिलाई गई थी, जिसमें हाईवे से एमसीडी टोल प्लाजा हटाने का आग्रह किया गया था।
टोल प्लाजा हटाने का कारण
NHAI ने बताया कि टोल प्लाजा के कारण हाईवे पर गंभीर जाम की समस्या उत्पन्न होती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है और प्रदूषण भी बढ़ता है। इसके अलावा, दिल्ली एनएचएआई ने एमसीडी को यूनिपोल (बड़े-बड़े विज्ञापन बोर्ड) हटाने का भी निर्देश दिया है। यदि एमसीडी स्वयं इन्हें हटाने में असमर्थ रहती है, तो NHAI इसे हटाने की कार्रवाई करेगा और खर्च एमसीडी से वसूल किया जाएगा।
कौन-कौन से टोल हटेंगे
बिजवासन टोल प्लाजा (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर, द्वारका एक्सप्रेसवे के पास)
विजवासन, रज्जोकरी और वदरपुर टोल
यूनिपोल मेरठ एक्सप्रेसवे
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे (NH-709)
NH-48 पर रनोकरी बॉर्डर
UE-R2 पर झिंझोली टोल प्लाजा
NH-344 एन, NH-44 पर बाघन टोल प्लाजा
NH-148A पर आया नगर टोल प्लाजा
सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट में भी उठाया गया था। कोर्ट ने दिसंबर में NHAI और MCD को निर्देश दिया कि दिल्ली की बॉर्डर पर स्थित 9 टोल प्लाजा को ऐसी जगह स्थानांतरित किया जाए, जहां ट्रैफिक जाम न बने और प्रदूषण कम हो।
विशेष रूप से बदरपुर में NHAI और MCD के टोल प्लाजा केवल 50 मीटर की दूरी पर हैं। दोनों ही टोल से कमर्शल वाहनों से अलग-अलग तरीके (FASTag और RFID) से टोल टैक्स और एनवायरनमेंट सेस वसूला जाता है।
NHAI की सख्ती के बाद उम्मीद है कि दिल्ली-एनसीआर हाईवे पर जाम और प्रदूषण की समस्या जल्द कम हो जाएगी।