Friday, June 12

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बांग्लादेश से सऊदी अरब तक JF 17 फाइटर जेट की बढ़ी मांग, पाकिस्तान रक्षा बाजार में मजबूत कर रहा पकड़

इस्लामाबाद, 10 जनवरी:
पाकिस्तान ने हालिया महीनों में अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार में अपनी मौजूदगी तेज़ी से बढ़ाई है। खासतौर पर उसका स्वदेशी रूप से विकसित JF‑17 थंडर लड़ाकू विमान कई देशों की दिलचस्पी का केंद्र बन गया है। पाकिस्तान सेना के मुताबिक बांग्लादेश के साथ JF‑17 की बिक्री को लेकर समझौता जल्द होने की संभावना है, जबकि सऊदी अरब भी लगभग 2 अरब डॉलर के रक्षा सौदे के तहत इन जेट विमानों को खरीदने पर विचार कर रहा है।

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बांग्लादेश और सऊदी अरब के अलावा भी कई देश या तो JF‑17 को पहले ही अपने बेड़े में शामिल कर चुके हैं या फिर इसे खरीदने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। इसे पाकिस्तान के लिए रक्षा निर्यात के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

क्यों बढ़ रही है JF‑17 की मांग

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, JF‑17 थंडर की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे इसकी कम कीमत, बहुउद्देश्यीय क्षमता और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से मुक्त होना प्रमुख कारण हैं। इस विमान का निर्माण पाकिस्तान और चीन मिलकर करते हैं, जिससे इसे उन देशों के लिए आकर्षक विकल्प माना जा रहा है जो अमेरिकी या यूरोपीय हथियारों पर निर्भर नहीं रहना चाहते।

JF‑17 थंडर की प्रमुख खूबियां

JF‑17 एक हल्का, हर मौसम में उड़ान भरने वाला बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है। इसकी अनुमानित कीमत 25 से 30 मिलियन डॉलर के बीच है, जो इसे वैश्विक बाजार में किफायती बनाती है।
इस विमान का निर्माण पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (PAC) और चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (CAC) के सहयोग से किया गया है। निर्माण का लगभग 58 प्रतिशत हिस्सा पाकिस्तान और 42 प्रतिशत चीन में होता है। अंतिम असेंबली पाकिस्तान के कामरा स्थित संयंत्र में की जाती है, इसी कारण पाकिस्तान इसका प्रमुख विक्रेता है।

किन देशों ने खरीदे हैं JF‑17

म्यांमार JF‑17 खरीदने वाला पहला देश बना, जिसने 2015 में कम से कम 16 ब्लॉक‑2 विमानों का ऑर्डर दिया। इसके बाद 2021 में नाइजीरिया ने तीन JF‑17 जेट अपने वायुसेना बेड़े में शामिल किए।
वहीं, अजरबैजान ने 2024 में 1.5 अरब डॉलर के सौदे के तहत 16 JF‑17 विमानों का ऑर्डर दिया, जिनमें से पांच जेट का अनावरण नवंबर 2025 में किया गया।

इसके अलावा इराक, श्रीलंका और सऊदी अरब जैसे देशों ने भी JF‑17 खरीदने में रुचि दिखाई है, हालांकि इनमें से कई योजनाएं अभी साकार नहीं हो पाई हैं।

JF‑17 और आधुनिक लड़ाकू विमान

वर्तमान में दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमान पांचवीं पीढ़ी के माने जाते हैं, जिनमें अमेरिकी F‑22 और F‑35, चीन के J‑20 और J‑35 तथा रूस का Su‑57 शामिल हैं। हालांकि ये विमान बहुत कम देशों के पास हैं और बेहद महंगे भी हैं।
JF‑17 का ब्लॉक‑3 संस्करण 4.5 पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की श्रेणी में आता है, जिसमें फ्रांस का राफेल, स्वीडन का ग्रिपेन, यूरोफाइटर टाइफून, भारत का तेजस और चीन का J‑10 शामिल हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, 4.5 पीढ़ी के विमानों में विशेष कोटिंग और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग क्षमताएं होती हैं, जिससे उनका रडार सिग्नेचर कम हो जाता है और दुश्मन के लिए उन्हें ट्रैक करना मुश्किल होता है। यही वजह है कि मध्यम बजट वाले देशों के लिए JF‑17 जैसे विमान पहली पसंद बनते जा रहे हैं।

 

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