
जयपुर: रेप के आरोपों में घिरे क्रिकेटर यश दयाल को राजस्थान हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली। शुक्रवार को जस्टिस प्रवीर भटनागर की कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जांच अधिकारी को 19 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।
करीब एक महीने पहले पोक्सो कोर्ट ने यश दयाल की अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी। इसके बाद उनके वकील ने हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन हाईकोर्ट ने भी फिलहाल कोई राहत नहीं दी।
पीड़िता के वकील का आरोप:
पीड़िता के वकील दिवेश शर्मा का कहना है कि पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की सीडीआर और अन्य सबूतों की जांच की तो यह स्पष्ट हुआ कि दोनों साथ-साथ होटल में ठहरे थे। पीड़िता के मोबाइल में मिली चैट, फोटो और वीडियो से भी आरोप प्रमाणित होते हैं। वकील ने बताया कि यश दयाल ने आईपीएल मैच के दौरान पीड़िता को जयपुर बुलाया और होटल में ले जाकर उसके साथ ज्यादती की। इसके लिए यश ने आर्थिक मदद और क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिलाने का झांसा दिया।
यश दयाल के वकील का पक्ष:
यश के एडवोकेट चंद्रशेखर शर्मा ने दावा किया कि पीड़िता ने क्रिकेटर को ब्लैकमेल करने के इरादे से मामला दर्ज कराया। उनका कहना है कि पीड़िता ने दो साल बाद केस दर्ज कराया और घटना को कानपुर की बताकर जयपुर में शिकायत की। वकील के अनुसार यश ने कभी भी पीड़िता से अकेले मुलाकात नहीं की और सभी मुलाकातें सार्वजनिक स्थान पर टीम के अन्य सदस्यों के साथ हुई।
यश के वकील ने यह भी कहा कि पीड़िता ने FIR में कभी यह नहीं कहा कि वह नाबालिग थी। अगर कानपुर में कोई घटना हुई होती, तो वह उसके बाद अलग-अलग शहरों में यश से क्यों मिली। कानपुर कोर्ट ने यश को राहत दी थी, लेकिन पीड़िता ने जयपुर में नया केस दर्ज कराया।