
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर हालिया हमले के ठीक बाद भारत को रूस से तेल खरीद रोकने के लिए चेतावनी दी है। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि भारत को रूस से तेल खरीद रोकना होगा, अन्यथा अमेरिकी टैरिफ बढ़ाए जा सकते हैं।
बीते साल अगस्त में ट्रंप प्रशासन ने भारत के कुछ उत्पादों पर 50 फीसदी तक का भारी टैरिफ लगाया था। इसमें से 25 फीसदी टैरिफ को ट्रंप ने भारत की रूस से तेल खरीद को वजह बताया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिकी प्रभुत्व वाली नई वैश्विक व्यवस्था बनाने और अपनी रणनीतिक दबदबा कायम करने की कोशिश का हिस्सा है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वित्तीय योजना और निवेश की मांग बढ़ रही है, लेकिन अमेरिकी टैरिफ नीति और वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल ने भारत की आर्थिक कूटनीति पर दबाव बढ़ा दिया है।
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार में तेल आयात महत्वपूर्ण हिस्सा है। पिछले साल यह व्यापार प्रतिबंधों की वजह से दो-तिहाई घटकर 340 मिलियन डॉलर रह गया। दिसंबर 2025 में भारत में रूसी कच्चे तेल का आयात तीन साल के निचले स्तर पर था। इसके बावजूद ट्रंप का रुख सख्त है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को इस जटिल वैश्विक परिदृश्य में संतुलन बनाए रखना होगा। उसे अपने प्रमुख निर्यात बाजारों को बचाते हुए रूस जैसे पुराने सहयोगियों के साथ संबंध मजबूत करने और चीन के साथ नाजुक संतुलन साधने की चुनौती का सामना करना होगा। खासकर आर्थिक विकास और विमानन क्षेत्र में हालिया संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए भारत को बेहद सतर्कता से कदम उठाना होगा।