Thursday, June 18

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बड़े अस्पतालों की कमाई में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, आंकड़े देख कर चौंक जाएंगे!

 

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नई दिल्ली: देश के हेल्थकेयर सेक्टर में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बड़े प्राइवेट अस्पतालों की कमाई तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी वजह बीमा कवरेज का बढ़ना और हाई-टेक इलाजों का आम होना है।

 

कमाई में तेजी:

साल 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, भारत के शीर्ष 10 हॉस्पिटल चेन की प्रति बेड कमाई (ARPOB) पिछले साल के 40,015 रुपये प्रति दिन से बढ़कर 49,304 रुपये प्रति दिन हो गई है, यानी 23% की बढ़ोतरी। यह बढ़ोतरी खासकर कैंसर का इलाज, दिल की सर्जरी और रोबोटिक ऑपरेशन में हुई तकनीकी उन्नति और बीमा कवरेज की वजह से है।

 

ARPOB क्या है:

‘एवरेज रेवेन्यू पर ऑक्यूपाइड बेड’ (ARPOB) यह दर्शाता है कि अस्पताल हर दिन इस्तेमाल होने वाले हर बेड से कितनी कमाई कर रहे हैं। जैसे-जैसे मरीज़ जल्दी ठीक होकर घर जाते हैं, रोज़ की कमाई बढ़ती है।

 

सबसे आगे कौन:

 

  • फोर्टिस हेल्थकेयर: 66,301 रुपये (+9%)

  • अपोलो हॉस्पिटल्स: 60,588 रुपये

  • कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज: 39,158 रुपये (+23%)

  • अन्य बड़े अस्पताल जैसे एस्टर, नारायण हेल्थ और यथार्थ हॉस्पिटल्स ने भी कमाई में बढ़ोतरी दर्ज की।

 

जहाँ कमाई घट गई:

 

  • मैक्स हेल्थकेयर: 78,000 रुपये से घटकर 73,000 रुपये

  • रेनबो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल: 3% गिरावट

 

विशेषज्ञों के अनुसार, लोग अब अपनी बीमारी का पता छोटे सेंटर में लगवाने के बाद बड़े प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाने के लिए जा रहे हैं।

 

बीमा कवरेज का असर:

बेंगलुरु के विशेषज्ञ प्रीतेश आर. किरण का कहना है, “बीमा कवरेज बढ़ने की वजह से लोगों की पहुंच बदल रही है। इसके कारण देशभर में लोग ज्यादा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं और प्राइवेट इलाज का इस्तेमाल कर रहे हैं।”

 

सेक्टर में बड़ा बदलाव:

इस समय हेल्थकेयर सेक्टर में कंसोलिडेशन का ट्रेंड चल रहा है। छोटे अस्पताल बड़े रीजनल और नेशनल चेन द्वारा खरीदे जा रहे हैं। KPMG की रिपोर्ट के अनुसार, यह ट्रेंड टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी जारी रहेगा। साथ ही KKR और Blackstone जैसे ग्लोबल फंड्स इस सेक्टर में बड़े निवेश कर रहे हैं। केरल जैसे राज्य इन निवेशकों के लिए अहम बनकर उभरे हैं।

 

निष्कर्ष:

बड़े प्राइवेट अस्पतालों की तेजी से बढ़ती कमाई और बीमा कवरेज का विस्तार भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में बड़े बदलाव का संकेत है। अब मरीज हाई-टेक इलाज का लाभ उठा रहे हैं और प्राइवेट अस्पताल इसे बढ़ती मांग के साथ कैपिटलाइज कर रहे हैं।

 

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