Friday, May 29

WEST BENGAL

पश्चिम बंगाल: SIR कतार में खड़े व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत, परिवार ने नोटिस को बताया तनाव का कारण
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पश्चिम बंगाल: SIR कतार में खड़े व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत, परिवार ने नोटिस को बताया तनाव का कारण

  कोलकाता: पश्चिम बंगाल में एसआईआर (सर्विस इन्फॉर्मेशन रिफॉर्म) प्रक्रिया की कतार में खड़े एक व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। 38 वर्षीय रमजान अली गुरुवार की सुबह नाम सुधारने के लिए कतार में खड़े थे। उनके परिवार का आरोप है कि एसआईआर नोटिस मिलने के बाद वह अत्यधिक तनाव में थे, जिसका असर उनकी सेहत पर पड़ा और उनकी मौत हो गई।   जानकारी के अनुसार, रमजान अली पेशे से ड्राइवर थे और अपनी मां सलमा बेगम के साथ बारासात ब्लॉक 2 बीडीओ कार्यालय गए थे। उनका मकसद एसआईआर प्रक्रिया के तहत वोटर सूची में नाम में सुधार कराना था। उनके चचेरे भाई शेख गुलाम अली ने बताया कि ठंड में लंबी कतार में खड़े रहने के कारण वह बीमार पड़ गए और जमीन पर गिर गए।   स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत संबेरिया ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मां सलमा बेगम ने ब...
I-PAC पर ईडी का छापा: बंगाल की राजनीति में भूचाल, ममता बनर्जी को क्या मिलेगा फायदा?
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I-PAC पर ईडी का छापा: बंगाल की राजनीति में भूचाल, ममता बनर्जी को क्या मिलेगा फायदा?

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है। 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए अब केवल तीन महीने शेष हैं, और राज्य की राजनीति में टीएमसी और बीजेपी के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच I-PAC के कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है।   टीएमसी इस छापेमारी को ईडी का दुरुपयोग बताते हुए इसे चुनावी रणनीति की चोरी का मामला बना रही है। दूसरी ओर बीजेपी इसे ममता बनर्जी और उनके करीबी सहयोगियों से जुड़े भ्रष्टाचार का नया अध्याय बताकर चुनावी फायदा उठाने की कोशिश में है।   ममता बनर्जी बनें पहली मुख्यमंत्री जिन्होंने ईडी से भिड़ाव किया कोलकाता में I-PAC के ऑफिस पर ईडी की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रत्यक्ष रूप से हस्तक्षेप किया। वह I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर से एक लैपटॉप और ग्रीन फाइल लेकर कार्यालय पहुंच...
ईडी रेड से बंगाल की सियासत में उबाल: सड़क से सोशल मीडिया तक आमने-सामने टीएमसी–बीजेपी, किसे होगा फायदा?
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ईडी रेड से बंगाल की सियासत में उबाल: सड़क से सोशल मीडिया तक आमने-सामने टीएमसी–बीजेपी, किसे होगा फायदा?

  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। कोलकाता में चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक (IPAC) के दफ्तर और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) आमने-सामने आ गई हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जहां इसे राजनीतिक साजिश बता रही हैं, वहीं बीजेपी ने उन पर जांच में दखल देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।   ‘जितने हमले कर लो, बंगाल फिर जीतेगा’ का नारा   चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए टीएमसी ने ‘जोतोई कोरो हमला, आबार जीतबे बांग्ला’ (जितने भी हमले कर लो, बंगाल फिर जीतेगा) का नारा दिया है। लेकिन आई-पैक पर ईडी की रेड ने इस अभियान को और आक्रामक बना दिया है। ममता बनर्जी खुद इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतर आई हैं औ...
पश्चिम बंगाल: बीजेपी नेता दिलीप घोष की शादीशुदा जिंदगी पर ट्रोलिंग, पत्नी रिंकू ने दर्ज कराई शिकायत
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पश्चिम बंगाल: बीजेपी नेता दिलीप घोष की शादीशुदा जिंदगी पर ट्रोलिंग, पत्नी रिंकू ने दर्ज कराई शिकायत

    कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी नेता दिलीप घोष की राजनीतिक सक्रियता बढ़ते ही उनके और उनकी पत्नी रिंकू मजूमदार घोष के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट की झड़ी लग गई। नाराज रिंकू ने बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।   शिकायत में रिंकू ने आरोप लगाया कि फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए उनके दांपत्य जीवन और निजी गतिविधियों के बारे में झूठी और अपमानजनक सामग्री फैलाई जा रही है। ट्रोलर्स उनकी सार्वजनिक और निजी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं, और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर अफवाहें फैला रहे हैं।   लोकसभा चुनाव के बाद हाशिये पर थे दिलीप घोष   लोकसभा चुनाव में हार के बाद दिलीप घोष कुछ समय तक राजनीतिक सर्किल में कम सक्रिय रहे। पूर्व बंगाल बीजेपी अध्यक्ष रह चुके दिलीप को संगठन के नए ढांचे में जगह नहीं मिली...
बंगाल चुनाव में मंदिर-मस्जिद का खेल नहीं चलेगा: दिलीप घोष ने ममता पर साधा निशाना
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बंगाल चुनाव में मंदिर-मस्जिद का खेल नहीं चलेगा: दिलीप घोष ने ममता पर साधा निशाना

    कोलकाता: पश्चिम बंगाल बीजेपी में हलचल मच गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हाल ही में मुलाकात करने वाले बीजेपी नेता दिलीप घोष ने कहा कि मंदिर-मस्जिद के मुद्दे राज्य के चुनावी नतीजों को प्रभावित नहीं करेंगे। उन्होंने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि मंदिर बनवाने से 2026 का विधानसभा चुनाव जीतना संभव नहीं है।   दिलीप घोष ने उदाहरण देते हुए 2024 के फैजाबाद लोकसभा चुनाव का जिक्र किया, जहां राम मंदिर बनने के बावजूद बीजेपी चुनाव हार गई थी। उन्होंने पार्टी में हाल ही में शामिल हुए नेताओं को भी चेतावनी दी कि उन्हें अपनी पहचान साबित करनी होगी।   तीन दिन खरगपुर में करेंगे प्रचार दिलीप घोष ने राज्य बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य से मुलाकात कर शनिवार से तीन दिन खरगपुर में प्रचार करने की अनुमति मांगी। उन्होंने खुलकर कहा कि उन्हें अपनी गृह सीट से चुनाव लड़ने का अधिकार...
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता कवि जॉय गोस्वामी का नाम 32 लाख ‘अनमैप्ड’ वोटर्स में, चुनाव आयोग ने 2 जनवरी को सुनवाई के लिए बुलाया
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साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता कवि जॉय गोस्वामी का नाम 32 लाख ‘अनमैप्ड’ वोटर्स में, चुनाव आयोग ने 2 जनवरी को सुनवाई के लिए बुलाया

  कोलकाता। साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता कवि जॉय गोस्वामी का नाम 32 लाख ‘अनमैप्ड’ मतदाताओं की सूची में शामिल होने के कारण चर्चा में है। 72 वर्षीय कवि को 2 जनवरी 2026 को चुनाव आयोग की सुनवाई के लिए बुलाया गया है। हालांकि, जॉय गोस्वामी इस समय तीन सर्जरी से उबर रहे हैं और स्वास्थ्य कारणों से इस सुनवाई में शामिल नहीं हो पाएंगे।   बेटी ने बताया भय की राजनीति का हिस्सा कवि की बेटी बुकुन ने इस स्थिति को ‘भय की राजनीति’ का हिस्सा बताते हुए कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का इस्तेमाल मतदाताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल उनके पिता के साथ नहीं बल्कि अन्य भारतीय मतदाताओं के साथ भी हो रहा है। बुकुन ने अनुमान लगाया कि बंगाल के लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित करने के पीछे कोई और एजेंडा हो सकता है।   सुनवाई के लिए आया कॉल दो दिन पहले जॉय गोस्व...
आपने जो समाचार साझा किया है, उसमें मुख्य बातें यह हैं:
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  सिलीगुड़ी के होटलों का बांग्लादेशी पर्यटकों के लिए बहिष्कार:   ग्रेटर सिलीगुड़ी होटलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने ऐलान किया कि सिलीगुड़ी के किसी भी होटल में बांग्लादेशी नागरिकों को अब ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पहले केवल मेडिकल और छात्र वीजा वाले पर्यटकों को अनुमति दी जाती थी, अब यह भी रद्द कर दी गई है।   कारण:   यह कदम बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और मॉब लिंचिंग की घटनाओं के विरोध में लिया गया है। असोसिएशन और स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि भारत में व्यवसाय और देश सर्वोपरि हैं, इसलिए हिंसा के प्रति विरोध जताने के लिए उन्होंने बहिष्कार का निर्णय लिया।   स्थानीय प्रतिक्रिया:   होटल और वाहन सेवा प्रदाता बांग्लादेशी नागरिकों के लिए सेवाएं रोक रहे हैं। कुछ होटलों के बाहर पोस्टर लगाए गए हैं, जैसे “बांग्लादेश का बह...
मुर्शिदाबाद: हुमायूं कबीर ने 24 घंटे में सोशल मीडिया स्टार निशा चटर्जी का टिकट काटा, बैलीगंज से मुस्लिम उम्मीदवार घोषित
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मुर्शिदाबाद: हुमायूं कबीर ने 24 घंटे में सोशल मीडिया स्टार निशा चटर्जी का टिकट काटा, बैलीगंज से मुस्लिम उम्मीदवार घोषित

    कोलकाता/बेहरामपुर, 24 दिसंबर: जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निशा चटर्जी को सोमवार को बैलीगंज सीट से उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही उनका टिकट रद्द कर दिया। निशा ने इसे धर्म के आधार पर भेदभाव बताते हुए हुमायूं कबीर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी है।   निशा का आरोप   निशा चटर्जी ने मीडिया से कहा कि “कबीर ने मुझे इसलिए हटा दिया क्योंकि मैं हिंदू हूं। अगर उनकी पार्टी धर्मनिरपेक्ष होती, तो ऐसा कभी नहीं होता। मैं उनकी बाबरी मस्जिद योजना के साथ खड़ी थी, फिर भी मेरे साथ ऐसा क्यों किया गया?” निशा ने यह भी कहा कि वह जून से कबीर के संपर्क में थी और 22 दिसंबर को उन्हें पार्टी की राज्य समिति का सदस्य बनाने का वादा किया गया था।   अचानक बदली योजना   सोशल मीडिया पोस्ट और व्यवहार को अनुचित बताते ह...