AI ने तोड़ा सालों पुराना मिथक: अलग-अलग नहीं होते फिंगरप्रिंट, क्राइम इन्वेस्टिगेशन में आ सकता है बड़ा बदलाव
अगर आप भी मानते थे कि हर फिंगरप्रिंट पूरी तरह से यूनिक होता है, तो अब AI ने इस पुरानी धारणा को चुनौती दी है। वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पाया कि एक ही व्यक्ति की अलग-अलग उंगलियों के निशान में कई समानताएं हो सकती हैं, जिससे फोरेंसिक साइंस का सदियों पुराना तथ्य अब मिथक बन गया है।
AI ने कैसे किया ये खुलासा?
कोलंबिया यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ बफैलो के शोधकर्ताओं ने डीप लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क आधारित AI सिस्टम तैयार किया। पारंपरिक फिंगरप्रिंट जांच में उंगलियों की बारीक रेखाओं और बिंदुओं (मिन्यूशिया) पर ध्यान दिया जाता है। लेकिन नए AI सिस्टम ने बड़े पैटर्न जैसे रिज ओरिएंटेशन और कर्वेचर को ध्यान में रखकर जांच की।
AI ने 77% सटीकता से पता लगाया कि दो अलग उंगलियों के निशान एक ही व्यक्ति के हैं या नहीं।
जब कई फिंगरप्रिंट सैंपल एक स...









