Saturday, June 27

Delhi (National Capital Territory)

सड़क पर तड़पते शख्स से मोबाइल चोरी, मदद को कोई आगे नहीं आया
Delhi (National Capital Territory), State

सड़क पर तड़पते शख्स से मोबाइल चोरी, मदद को कोई आगे नहीं आया

नई दिल्ली: राजधानी के विकास नगर इलाके से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। सड़क पर तड़प रहे एक अज्ञात व्यक्ति की मदद करने के बजाय दो स्कूटी सवार उसका मोबाइल और सामान चोरी कर फरार हो गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब चार बजे एक व्यक्ति अचानक सड़क पर गिर पड़ा और काफी देर तक तड़पता रहा। फुटेज में दिखाई देता है कि इसी दौरान दो स्कूटी सवार वहां पहुंचते हैं, लेकिन मदद करने के बजाय वे पीड़ित का मोबाइल उठा लेते हैं। कुछ देर बाद दोनों दोबारा लौटते हैं और उसकी जेब टटोलकर कीमती सामान व नकदी तलाशने की कोशिश करते हैं, फिर मौके से फरार हो जाते हैं। चार दिन बाद भी मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। शव को संजय गांधी अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में पहचान के लिए सुरक्षित रखा गया है। आउटर दिल्ली के ड...
दिल्ली की हवा सुधारने की कवायद: बॉर्डर टोल और ECC बढ़ाने की सिफारिश
Delhi (National Capital Territory), State

दिल्ली की हवा सुधारने की कवायद: बॉर्डर टोल और ECC बढ़ाने की सिफारिश

नई दिल्ली: राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली बॉर्डर पर वसूले जाने वाले एमसीडी टोल और एनवायरमेंट कंपनसेशन चार्ज (ECC) में संशोधन की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में आयोग ने तर्क दिया है कि मौजूदा दरें वर्षों से स्थिर हैं, जिससे उनका प्रभाव कम हो गया है और दिल्ली से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों को रोकने का उद्देश्य कमजोर पड़ गया है। आयोग के मुताबिक, फिलहाल एक खाली टू-एक्सल ट्रक को दिल्ली में प्रवेश के लिए करीब 700 रुपये चुकाने होते हैं, जबकि पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर यही सफर अधिक महंगा पड़ता है। ऐसे में ट्रक ऑपरेटर दिल्ली के भीतर से गुजरना ज्यादा लाभदायक समझते हैं, जिससे राजधानी में ट्रैफिक और प्रदूषण का दबाव बढ़ता है। CAQM का मानना है कि शुल्कों का पुनरीक्षण करने से बाहरी रूट का उपयोग बढ़ेगा और शहर के भीतर प्रदूषण...
RTI के 20 साल बाद भी रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट ने MCD को लगाई फटकार
Delhi (National Capital Territory), State

RTI के 20 साल बाद भी रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट ने MCD को लगाई फटकार

नई दिल्ली: सूचना का अधिकार (RTI) कानून लागू होने के दो दशक बाद भी दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा अपने विधायी रिकॉर्ड और सदन की कार्यवाही सार्वजनिक न किए जाने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कड़ी नाराज़गी जताई है। अदालत ने निगम को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि वह इस संबंध में विस्तृत जवाबी हलफनामा दाखिल करे और बताए कि RTI एक्ट की धारा 4 के पालन के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे एनजीओ ‘सेंटर फॉर यूथ, कल्चर, लॉ एंड एनवायरनमेंट’ ने दायर किया है। याचिका में मांग की गई है कि एमसीडी अपने विधायी रिकॉर्ड, सदन की कार्यवाही, स्थायी समितियों के प्रस्ताव और अन्य सार्वजनिक दस्तावेज समयबद्ध तरीके से वेबसाइट पर अपलोड करे। कोर्ट: धारा 4 का पालन अनिवार्य सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि RTI एक्ट की ध...
दिल्ली में खालिस्तान समर्थित नारे लिखने की साजिश नाकाम, दो आरोपी गिरफ्तार
Delhi (National Capital Territory), State

दिल्ली में खालिस्तान समर्थित नारे लिखने की साजिश नाकाम, दो आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस से पहले राजधानी का माहौल बिगाड़ने की कथित साजिश को दिल्ली पुलिस ने विफल कर दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खालिस्तान समर्थित नारे लिखने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में इस साजिश के तार विदेश में बैठे प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ से जुड़े तत्वों तक पहुंचने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दिल्ली के दो अलग-अलग इलाकों में ‘प्रो-खालिस्तान’ और ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखकर अशांति फैलाने की कोशिश की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह कार्रवाई कथित तौर पर संगठन से जुड़े एक व्यक्ति के निर्देश पर की गई थी। विदेश से जुड़े साजिश के तार जांच एजेंसियों का दावा है कि यह साजिश कनाडा से संचालित नेटवर्क के जरिए रची गई थी। आरोप है कि दोनों आरोपियों — बलजिंदर और रोहित उर्फ कीरथ — को इस काम के लिए दो लाख रुपये का लालच दिया...
दिल्ली के बड़े सरकारी अस्पतालों में स्टाफ संकट गहराया: हर पांच में एक डॉक्टर का पद खाली
Delhi (National Capital Territory), State

दिल्ली के बड़े सरकारी अस्पतालों में स्टाफ संकट गहराया: हर पांच में एक डॉक्टर का पद खाली

नई दिल्ली: देश की राजधानी के प्रमुख केंद्रीय सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी सामने आई है। राज्यसभा में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के बड़े चिकित्सा संस्थानों में लगभग हर पांच में से एक डॉक्टर का पद रिक्त है। नर्सिंग स्टाफ के मामले में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां 13 प्रतिशत से अधिक पद खाली पड़े हैं। वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज-सफदरजंग अस्पताल, अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज-डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल तथा लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज समेत प्रमुख संस्थानों में डॉक्टरों के कुल 1,471 स्वीकृत पदों में से 309 पद खाली हैं। इसी तरह नर्सों के 5,499 स्वीकृत पदों में से 739 पद भरे नहीं गए हैं। अस्पतालवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सफदरजंग अस्पताल में 19 प्रतिशत डॉक्टरों के पद रिक्त हैं, जबकि राम मनोहर लोहिया और लेडी हार्डिंग अस्पताल...
Crime, Delhi (National Capital Territory), State

दिल्ली में नाबालिग अपराधियों का कहर, इन इलाकों में जाएँ संभलकर

नई दिल्ली: दिल्ली के कुछ इलाकों में नाबालिग अपराधियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। हाल ही में ईस्ट दिल्ली के आचार्य निकेतन मार्केट में तीन नाबालिगों ने एक डिलीवरी बॉय की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी नाबालिगों और मृतक के बीच पुरानी रंजिश थी। मृतक ने एक नाबालिग की बहन को परेशान किया था, जिससे विवाद और बढ़ गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने तीनों नाबालिग आरोपियों को पकड़ लिया और हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया। ईस्ट दिल्ली में यह पहली घटना नहीं है। जनवरी 2026 में हुए तीन मर्डर में कुल 13 नाबालिगों की संलिप्तता पाई गई। इसमें एक जुवेनाइल रेप और एक हत्या के प्रयास का मामला भी शामिल है। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में ईस्ट जिले में 182 मामले ऐसे थे जिनमें नाबालिग लिप्त थे, यानी हर दूसरे दिन कोई न कोई अपराध नाबालिगों द्व...
बहन से शादी न करने पर नाबालिग ने दोस्त को मौत के घाट उतारा, दिल्ली में चौंकाने वाला हत्याकांड
Crime, Delhi (National Capital Territory), State

बहन से शादी न करने पर नाबालिग ने दोस्त को मौत के घाट उतारा, दिल्ली में चौंकाने वाला हत्याकांड

नई दिल्ली: दिल्ली के तिलक विहार क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवक शिवम की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। मृतक शिवम अपने परिवार के साथ 80 गज कॉलोनी में रहता था। पड़ोस में रहने वाले नाबालिग लड़के ने शिवम पर हमला किया। उसे तुरंत हरिनगर के दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बदला लेने की वजह: पुलिस जांच में सामने आया कि शिवम की दोस्ती आरोपी की बहन से थी। लड़की की मां शिवम से शादी चाहती थी, लेकिन शिवम ने साफ इंकार कर दिया था। इसी कारण आरोपी ने बदला लेने के लिए यह घातक कदम उठाया। वारदात का विवरण: डीसीपी वेस्ट शरद भास्कर के अनुसार, सोमवार रात 9:30 बजे पुलिस को वारदात की सूचना मिली। मौके पर जांच में पता चला कि झगड़े के दौरान शिवम पर कई बार वार किए गए। घटना में इस्तेमाल चाकू बरामद कर लिया गया है। आरोपी नाबालिग है और उसकी तलाश जारी है। परिवार का बयान: शिवम क...
जेएनयू में 5 पीएचडी छात्रों के निलंबन पर बवाल, छात्र संघ और शिक्षक संगठन ने उठाई आवाज
Delhi (National Capital Territory), State

जेएनयू में 5 पीएचडी छात्रों के निलंबन पर बवाल, छात्र संघ और शिक्षक संगठन ने उठाई आवाज

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्र राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) के चारों पदाधिकारियों समेत पांच पीएचडी छात्रों को दो सेमेस्टर के लिए रस्टिकेट (निष्कासित/निलंबित) किए जाने के बाद कैंपस में विरोध तेज हो गया है। छात्र संघ ने इसे प्रशासन की दमनकारी कार्रवाई बताते हुए निष्कासन आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। वहीं, जेएनयू टीचर्स असोसिएशन (JNUTA) ने भी इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए वाइस चांसलर के खिलाफ आवाज बुलंद की है। क्यों की गई कार्रवाई? जेएनयू प्रशासन ने इस सख्त कार्रवाई का कारण 21 नवंबर को डॉ. बी. आर. आंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरी में हुई घटना को बताया है। विश्वविद्यालय का आरोप है कि उस दिन लाइब्रेरी में लगाए गए फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी आधारित एक्सेस गेट्स में तोड़फोड़ की गई, हिंसा हुई और पढ़ाई व प्रशासनिक का...
दिल्ली जल बोर्ड 9000 करोड़ का बजट नहीं कर पाया खर्च, 10 महीनों में 60% भी उपयोग नहीं
Delhi (National Capital Territory), State

दिल्ली जल बोर्ड 9000 करोड़ का बजट नहीं कर पाया खर्च, 10 महीनों में 60% भी उपयोग नहीं

नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिल्ली सरकार ने जल बोर्ड को करीब 9000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था, लेकिन 10 महीनों में बोर्ड इस बजट का 60 प्रतिशत भी खर्च नहीं कर सका। अधिकारियों के मुताबिक संशोधित बजट (Revised Budget) भी कुल आवंटन का केवल 50 से 55 प्रतिशत ही रह गया है। ऐसे में शेष राशि जल बोर्ड को सरकार के पास सरेंडर करनी पड़ेगी। सूत्रों का कहना है कि बजट का पूरा उपयोग न हो पाने के कारण आगामी वित्तीय वर्ष में दिल्ली जल बोर्ड के बजट में कटौती की संभावना बढ़ गई है। वहीं, दूसरी ओर लोक निर्माण विभाग (PWD) के बजट में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि अगले वित्तीय वर्ष में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू होने वाले हैं। सीवर और सप्लाई लाइन बदलने की योजनाएं भी अधूरी जल बोर्ड अधिकारियों के अनुसार ...
साफ हवा पर बजट में कटौती, दिल्ली-एनसीआर के लिए बढ़ा खतरा: विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
Delhi (National Capital Territory), State

साफ हवा पर बजट में कटौती, दिल्ली-एनसीआर के लिए बढ़ा खतरा: विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई शहरों में लगातार गंभीर होती जा रही वायु प्रदूषण की समस्या को लेकर इस बार के आम बजट ने निराश किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण जैसे अहम मुद्दे पर बजट में कटौती एक बड़ी चूक है, जो आने वाले समय में सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट को और गहरा कर सकती है। केंद्रीय बजट 2026-27 में प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के लिए 1091 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान 1300 करोड़ रुपये से 209 करोड़ रुपये कम है। बजट में इस कटौती को लेकर पर्यावरण विशेषज्ञों और जलवायु कार्यकर्ताओं ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जिस समय प्रदूषण के कारण बीमारियों और मौतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, उसी समय फंड में कमी चिंता का विषय है। इतना ही नहीं, कई योजना...