Friday, May 15

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मंच पर अश्लील डांस, वीडियो बनाते और पैसे उड़ाते दिखे एसडीएम—कलेक्टर का बड़ा एक्शन, परमिशन देने की खुली पोल

 

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से प्रशासनिक मर्यादा को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। एक गांव में आयोजित अश्लील डांस कार्यक्रम के दौरान जहां मंच पर नर्तकियां खुलेआम अश्लील हरकतें कर रही थीं, वहीं मौके पर मौजूद मैनपुर एसडीएम तुलसीदास मरकाम वीडियो बनाते और पैसे उड़ाते नजर आए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और कलेक्टर ने तत्काल कड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम को पद से हटा दिया।

 

इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता फैलाने के आरोप में आयोजन समिति के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।

 

वायरल वीडियो ने खोली पोल

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एसडीएम तुलसीदास मरकाम आराम से कुर्सी पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथ में मोबाइल फोन है, जिससे वह अश्लील डांस का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं। कुछ ही देर बाद वे मंच की ओर पैसे उड़ाते भी नजर आते हैं। वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी भी पैसे उड़ाते और वीडियो बनाते दिख रहे हैं, जिससे प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

 

खुले मंच पर हदें पार

अधिकारियों के अनुसार, यह घटना देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव की है, जहां पिछले सप्ताह एक ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम इतना अश्लील था कि मंच पर डांस कर रहीं लड़कियों ने खुलेआम अपने निजी अंगों तक का प्रदर्शन किया। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर मौजूद एसडीएम ने कार्यक्रम को रोकने के बजाय उसे चलता रहने दिया। बताया गया है कि डांस के लिए लड़कियों को ओडिशा से बुलाया गया था।

 

कलेक्टर का सख्त बयान

गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम तुलसीदास मरकाम को तत्काल पद से हटा दिया गया है। साथ ही अतिरिक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट रायपुर के संभागीय आयुक्त को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

 

कलेक्टर ने साफ कहा,

“एसडीएम अश्लील नृत्य कार्यक्रम में मौजूद थे और उनकी संलिप्तता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। कार्यपालिक दंडाधिकारी होने के नाते ऐसे कार्यक्रम को रोकना उनकी जिम्मेदारी थी, लेकिन उनकी मौजूदगी में कार्यक्रम जारी रहा।”

 

नियमों को ताक पर रखकर दी गई अनुमति

कलेक्टर ने यह भी खुलासा किया कि एसडीएम ने तहसीलदार और स्थानीय थाना पुलिस से अनिवार्य रिपोर्ट लिए बिना ही 5 जनवरी से 10 जनवरी तक कार्यक्रम की अनुमति दे दी थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस मामले में एसडीएम को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

 

पुलिस पर भी गिरी गाज

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अश्लील कार्यक्रम आयोजित करने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। आयोजन समिति के 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, कार्यक्रम में मौजूद तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

 

यह मामला न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही, बल्कि सरकारी पदों की गरिमा और कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सबकी नजरें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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