Sunday, February 1

Bihar

आरके सिंह 6 साल के लिए BJP से निकाले गए, बागी नेताओं पर गिरने लगी गाज
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आरके सिंह 6 साल के लिए BJP से निकाले गए, बागी नेताओं पर गिरने लगी गाज

पटना: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में बंपर जीत हासिल करने के बाद अपनी पार्टी के बागी नेताओं पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई का शिकार सबसे पहले बने हैं आरा के पूर्व सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व नौकरशाह राजकुमार सिंह (आरके सिंह)। बीजेपी ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। आरके सिंह पर बीजेपी की सख्त कार्रवाई पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के लंबे समय तक सदस्य रहे आरके सिंह के खिलाफ यह कड़ी कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते की गई है। हाल ही में आरके सिंह ने पार्टी की लाइन से बाहर जाकर कई विवादित बयान दिए थे, जिसे बीजेपी ने गंभीरता से लिया और इसे पार्टी विरोधी माना। उनके बयानों के बाद बीजेपी ने उन्हें पार्टी से बाहर करने का निर्णय लिया। चुनाव के दौरान विवादों में घिरे रहे आरके सिंह बिहार विधानसभ...
बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव की 5 बड़ी गलतियां, जिन्होंने महागठबंधन की चुनावी किश्ती को डुबो दिया
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बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव की 5 बड़ी गलतियां, जिन्होंने महागठबंधन की चुनावी किश्ती को डुबो दिया

पटना, बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन को मिली करारी शिकस्त का मुख्य कारण सिर्फ गठबंधन के कमजोर साथी दल नहीं थे, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और गठबंधन के प्रमुख चेहरा तेजस्वी यादव की पांच बड़ी राजनीतिक गलतियां भी थीं। इन गलत फैसलों ने न केवल महागठबंधन की रणनीति को कमजोर किया, बल्कि कई सामाजिक वर्गों को भी इससे दूर कर दिया, जिसका सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ा। आइए जानते हैं तेजस्वी यादव की वो पांच बड़ी गलतियां, जिन्होंने महागठबंधन की चुनावी लुटिया डुबो दी: 1. उपमुख्यमंत्री पद की गलत घोषणा महागठबंधन की राजनीति में सबसे बड़ी गलती तेजस्वी यादव ने उपमुख्यमंत्री पद के लिए वीआईपी के मुकेश सहनी का नाम घोषित कर दी। यह फैसला न केवल अपरिपक्वता का उदाहरण था, बल्कि इससे राजद को दो बड़े वर्गों—दलितों (19.65% जनसंख्या) और मुस्लिमों (17.7% जनसंख्या)—का समर्थन खोना पड़ा। त...
कट्टा चला… और खुद घायल हो गए तेजस्वी यादव! अपने ‘खिदमतगारों’ ने ही लगा दी उनकी राजनीति को चोट
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कट्टा चला… और खुद घायल हो गए तेजस्वी यादव! अपने ‘खिदमतगारों’ ने ही लगा दी उनकी राजनीति को चोट

पटना, बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब तक जिस राजद को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, उसी पार्टी के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव को उनके समर्थकों ने ही चुनावी 'सुनामी' में डुबो दिया। इस बार बिहार चुनाव में तेजस्वी यादव के सामने उनकी पार्टी के ही ऐसे 'खिदमतगार' चुनौती बनकर उभरे, जिन्होंने उनके प्रयासों को पलीता लगा दिया। समर्थकों के विवादास्पद प्रचार का असर:बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान राजद के कुछ समर्थकों ने ऐसे विवादास्पद गाने और वीडियो बनाए, जिनसे चुनावी माहौल में नकारात्मक प्रभाव पड़ा। समस्तीपुर के मोहिउद्दीननगर में एक बच्चे ने मंच से गाना गाया, "गे छौंरी गे, लठिया लेके घुमछी… त कहछी गंवार गे। बने देही सीएम तेजस्वी भइया के, तब कट्टा लेके घुमवई त कहिहें।" इस गाने में कट्टा चलाने की धमकी दी गई, जिससे न केवल राजनीति में अशांति फै...
दरभंगा ग्रामीण सीट पर एनडीए की ऐतिहासिक जीत, 30 साल बाद जेडीयू ने तोड़ा आरजेडी का ‘गढ़’
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दरभंगा ग्रामीण सीट पर एनडीए की ऐतिहासिक जीत, 30 साल बाद जेडीयू ने तोड़ा आरजेडी का ‘गढ़’

दरभंगा, बिहार: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दरभंगा ग्रामीण सीट पर एक ऐतिहासिक परिणाम सामने आया है। यहां पर एनडीए ने पहली बार इस सीट पर विजय हासिल की है, जबकि यह सीट पिछले 30 वर्षों से राजद का अभेद्य किला बनी हुई थी। जेडीयू के उम्मीदवार राजेश कुमार मंडल (उर्फ ईश्वर मंडल) ने राजद के वरिष्ठ नेता ललित यादव को हराकर इस सीट पर कब्जा जमाया है। राजेश मंडल, जो पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे, ने ललित यादव को 18,453 मतों के अंतर से हराया। मंडल को 80,355 वोट मिले, जबकि ललित यादव को 61,902 वोट प्राप्त हुए। इस परिणाम के साथ जेडीयू ने दरभंगा ग्रामीण सीट पर आरजेडी के 30 साल पुराने शासन को ध्वस्त कर दिया है। इतिहास और चुनावी संघर्ष:यह सीट पहले मनीगाछी विधानसभा के नाम से जानी जाती थी, जहां 1952 से 1995 तक कांग्रेस का दबदबा था। 1995 में कांग्रेस से अलग होकर आरजेडी ने ललित यादव को उम्मीदवार बनाया और ...
मुजफ्फरपुर: शॉर्ट सर्किट से घर में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोग मरे, 7 गंभीर रूप से झुलसे
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मुजफ्फरपुर: शॉर्ट सर्किट से घर में लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोग मरे, 7 गंभीर रूप से झुलसे

मुजफ्फरपुर, 15 नवम्बर 2025: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 13 में रात के समय हुए एक दर्दनाक हादसे ने इलाके को हिलाकर रख दिया है। शॉर्ट सर्किट के कारण लगी भीषण आग में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को इलाज के लिए मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य का उपचार स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है। भीषण आग में परिवार के 5 लोग जिंदा जल गए यह हादसा मोतीपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 13 में स्थित ललन साह के तीन मंजिला मकान में हुआ। रात करीब दो बजे अचानक घर से आग की लपटें उठने लगीं। आग इतनी तेज थी कि घर के अंदर सो रहे परिवार के सदस्य संभलने से पहले ही आग ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। घर के अंदर चीख-पुकार मच गई, लेकिन आग की लपटों के बीच कई लोग फंस गए। इस हादसे में ललन साह की...
बिहार में महागठबंधन की हार और ‘INDIA’ गठबंधन की नई चुनौती
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बिहार में महागठबंधन की हार और ‘INDIA’ गठबंधन की नई चुनौती

पटना, 15 नवंबर 2025: बिहार चुनाव परिणाम ने एक बार फिर विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ के सामने कठिन सवाल खड़े कर दिए हैं। महागठबंधन को मिली करारी हार ने इस राजनीतिक गठबंधन की मजबूती पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या 'INDIA' ब्लॉक के विचार को नए सिरे से परिभाषित करने का समय आ चुका है? बिहार चुनाव में हार का असर 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में मिली हार के बाद विपक्षी दलों ने एकजुट होकर ‘INDIA’ ब्लॉक का गठन किया था, जो 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष की प्रमुख ताकत बनकर उभरा था। हालांकि, बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की हार ने गठबंधन के भीतर असहमति और विश्वास की कमी को उजागर कर दिया है। महागठबंधन के प्रयास के बावजूद, कांग्रेस, वामपंथी दलों और अन्य जातिगत पार्टियों को साथ लाने में आरजेडी सफल नहीं हो पाई, और यही कारण रहा कि जेडीयू-बीजेपी गठबंधन के खिलाफ विपक्ष एक मज...
बिहार चुनाव 2025: 9 सीटों पर कुछ सौ वोटों से तय हुई जीत-हार
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बिहार चुनाव 2025: 9 सीटों पर कुछ सौ वोटों से तय हुई जीत-हार

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों में एनडीए गठबंधन ने शानदार जीत हासिल की, जबकि महागठबंधन 40 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका। हालांकि, कई सीटों पर बेहद कड़ा मुकाबला देखा गया, जहां जीत का अंतर कुछ सौ या कुछ दर्जन वोटों तक सिमट गया। ऐसे में कई उम्मीदवारों को बमुश्किल विजय प्राप्त हुई। आइए जानते हैं उन 9 सीटों के बारे में, जहां जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा: 1. संदेश (आरा) – सिर्फ 27 वोटों से जीत आरा लोकसभा क्षेत्र की संदेश विधानसभा सीट पर जेडीयू के राधा चरण साह ने आरजेडी के दीपू सिंह को महज 27 वोटों से हराया। राधा चरण साह को 80,598 वोट मिले, जबकि दीपू सिंह को 80,571 वोट मिले। तीसरे स्थान पर जन सुराज के राजीव रंज राज रहे, जिन्हें 6,040 वोट मिले। 2. अगिआंव – 95 वोटों से बीजेपी की जीत अगिआंव सीट पर बीजेपी के महेश पासवान ने सीपीआई (एमएल) के शिव प्रकाश रंजन को सिर्फ 95 वोटो...
सियासी सन्नाटे में नीतीश की रफ्तार ने विपक्ष को हिलाया, लेकिन नई पारी में 4 बड़े सवाल
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सियासी सन्नाटे में नीतीश की रफ्तार ने विपक्ष को हिलाया, लेकिन नई पारी में 4 बड़े सवाल

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने केवल NDA की प्रचंड जीत का दावा पुख्ता नहीं किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि "टाइगर अभी जिंदा है"। नीतीश कुमार ने चुनावी रणनीति और अपने खिलाफ उठे सवालों का ऐसा मुंहतोड़ जवाब दिया, जो वोटों के रूप में सुनामी बनकर सामने आया। जब चुनाव प्रचार अपने चरम पर था, तब पूरे बिहार में 31 अक्टूबर को मौसम ने अचानक करवट ली। भारी बारिश और खराब मौसम के चलते तमाम नेताओं का प्रचार ठप हो गया। हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहे थे, और कई नेता अपने घरों में कैद हो गए थे। लेकिन नीतीश कुमार ने इन हालातों की परवाह किए बिना 500 किलोमीटर की यात्रा की और खराब मौसम में भी जनता के बीच जाकर संपर्क किया। इस दौरान उन्होंने करीब दो दर्जन विधानसभा सीटों पर दौरा किया और रोड शो तक किया। यही नहीं, मधुबनी जिले के झंझारपुर में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के घर में रुक कर नीतीश ने यह...
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: अजित पवार की एनसीपी को झटका, 13 उम्मीदवारों की जमानत जब्त
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025: अजित पवार की एनसीपी को झटका, 13 उम्मीदवारों की जमानत जब्त

पटना/मुंबई: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अजित पवार की राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को बड़ा झटका लगा है। एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ी एनसीपी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। पार्टी ने कुल 15 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, जिनमें से 13 की जमानत जब्त हो गई। अजित पवार की पार्टी को महज 0.02% वोट ही मिले, जिससे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त करने का उनका सपना चूर हो गया। नतीजे चौंकाने वाले नतीजों के मुताबिक, एनसीपी के अधिकांश उम्मीदवारों को एक हजार वोट भी नहीं मिले। कुछ सीटों पर तो स्थिति इतनी खराब रही कि उम्मीदवारों को 500 वोट से भी कम मिले। सासाराम में एनसीपी के उम्मीदवार आशुतोष सिंह को मात्र 212 वोट मिले, जबकि नोटा को 369 वोट मिले। नौतन के उम्मीदवार जय प्रकाश को सिर्फ 186 वोट ही मिल पाए। इसके अलावा मनिहारी में सैफ अली खान को 2057 वोट, पारसा में बिपिन सिंह को 435 वोट, महुआ में...
बिहार चुनाव 2025: एनडीए की ऐतिहासिक जीत और सियासत पर असर
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बिहार चुनाव 2025: एनडीए की ऐतिहासिक जीत और सियासत पर असर

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने राज्य की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय सियासत में भी हलचल मचा दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए ने बिहार में 202 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि जेडीयू दूसरे नंबर पर रही। इन नतीजों ने एक बार फिर साबित किया कि 'मोदी मैजिक' अभी भी प्रभावी है। आइए, जानते हैं कि इस चुनाव के परिणामों के राज्य और राष्ट्रीय राजनीति पर क्या गहरे प्रभाव पड़ने वाले हैं। 1. बीजेपी का शानदार प्रदर्शन, लोकसभा की हार को किया खत्म बिहार चुनाव में बीजेपी ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा और 89 सीटों पर जीत हासिल की। इससे यह साफ हो गया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का फीका प्रदर्शन अब इतिहास बन चुका है। मोदी के नेतृत्व में बिहार ने एक बड़ा जनादेश दिया है, जो आने वाले चुनावों में...