Wednesday, January 14

नीतीश कुमार के निशांत के लिए ‘बैरम खान’ बन सकते हैं आरसीपी सिंह? बिहार की राजनीति में नए उलटफेर के संकेत

 

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पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर चर्चा गरम है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह (आरसीपी सिंह) जदयू में वापसी करेंगे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के राजनीतिक सफर में ‘बैरम खान’ की भूमिका निभाएंगे?

 

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा इसलिए तेज हो गई है क्योंकि हालिया कार्यक्रम में नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह की समान मंच पर मौजूदगी ने राजनीतिक संकेत दे दिए हैं। पटेल सेवा संघ की ओर से आयोजित मकर संक्रांति भोज में दोनों नेताओं का अलग-अलग समय पर आगमन और ‘नीतीश आरसीपी एक हों’ के नारे इसे और रोचक बनाते हैं।

 

बैरम खान से राजनीतिक समानता

 

इतिहास में बैरम खान मुगल बादशाह बाबर के पुत्र हुमायूं के साये की तरह काम कर इतिहास बदलने वाला शख्स था। नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह के संबंधों की तुलना इसी से की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि निशांत कुमार की राजनीति में आरसीपी सिंह का मार्गदर्शन इस तरह की रणनीतिक भूमिका निभा सकता है।

 

आरसीपी सिंह की राजनीति

 

आरसीपी सिंह ने भाजपा से दूरी बनाने के बाद जदयू के करीबी नेताओं में फिर से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। हालिया कार्यक्रम में उनकी नीतीश कुमार के साथ उपस्थिति को राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। आरसीपी सिंह ने खुद पत्रकारों से कहा, “नीतीश कुमार बिहार के माननीय मुख्यमंत्री हैं और बिहार के लोग उन्हें पसंद करते हैं। हम उनके साथ 25 वर्षों तक रहे हैं, इतना कोई जानता भी है क्या?”

 

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मुलाकात जदयू में अंदरूनी समीकरणों और निशांत कुमार की एंट्री के मद्देनजर महत्वपूर्ण है। यह संकेत देता है कि आरसीपी सिंह भविष्य में पार्टी और परिवार के हित में नेतृत्व की भूमिका निभा सकते हैं।

 

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