Tuesday, July 21

Bihar

12 साल की उम्र में इंग्लैंड गए, 20 साल बाद मंत्री बनकर लौटे: इंग्लैंड के AI मंत्री ‘बिहारी बाबू’ कनिष्क नारायण
Bihar, State

12 साल की उम्र में इंग्लैंड गए, 20 साल बाद मंत्री बनकर लौटे: इंग्लैंड के AI मंत्री ‘बिहारी बाबू’ कनिष्क नारायण

पटना/मुजफ्फरपुर: इंग्लैंड के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री कनिष्क नारायण मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले हैं। 12 साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ बेहतर भविष्य की तलाश में इंग्लैंड चले गए थे। 20 साल बाद ब्रिटेन के AI मंत्री बनकर जब कनिष्क भारत लौटे, तो उन्होंने सबसे पहले अपने पुश्तैनी घर मुजफ्फरपुर जाकर परिवार से मुलाकात की। पटना पहुंचने पर उनका स्वागत जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय झा ने किया। मीडिया से बातचीत में कनिष्क ने कहा,"बिहार में आकर सच में बहुत खुशी हो रही है, क्योंकि मेरा जन्म यहीं हुआ था। 20 साल के बाद लौटकर यह देखकर खुशी हो रही है कि बिहार ने काफी प्रगति की है। ब्रिटेन में AI और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हम जो कर रहे हैं, उसके लिए बिहार की प्रगति देखकर प्रेरणा मिलती है।" कनिष्क नारायण का बिहार कनेक्शन मुजफ्फरपुर के छ...
बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: AIMIM के खेल में 5वीं सीट पर बड़ा दांव, NDA और महागठबंधन के बीच मुकाबला
Bihar, Politics, State

बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: AIMIM के खेल में 5वीं सीट पर बड़ा दांव, NDA और महागठबंधन के बीच मुकाबला

पटना: बिहार में 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव 2026 में इस बार 5वीं सीट को लेकर सबसे ज्यादा सियासी गहमागहमी देखने को मिल रही है। पहले चार सीटों के मामले में NDA और महागठबंधन अपने-अपने उम्मीदवार आराम से भेज देंगे, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर पूरा खेल AIMIM के हाथ में है। NDA की स्थिति बीजेपी और JDU अपने विधानसभा सदस्यों के वोटों से पहले चार सीटें निर्विरोध जीत लेंगे। लेकिन पांचवीं सीट के लिए इनके पास सिर्फ 10 विधायकों के वोट बचेंगे। चिराग पासवान की लोजपा (19), जीतन राम मांझी की हम (5) और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो (4) को मिलाकर भी कुल संख्या 38 होगी। इसके बाद भी 41 में से 3 वोटों की कमी रहेगी। महागठबंधन की चुनौती तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के पास राजद, कांग्रेस, लेफ्ट और IIP मिलाकर कुल 35 सीटें हैं। पांचवीं सीट जीतने के लिए उन्हें AIMIM के 5 विधायकों और रामगढ़ के सतीश सिं...
1981 में जमा किए 2 हजार रुपये का हिसाब मांगते वरिष्ठ पत्रकार ने आवास बोर्ड को कोसा
Bihar, State

1981 में जमा किए 2 हजार रुपये का हिसाब मांगते वरिष्ठ पत्रकार ने आवास बोर्ड को कोसा

पटना: बिहार राज्य आवास बोर्ड (Bihar State Housing Board) के खिलाफ एक बार फिर विवाद छिड़ गया है। वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र किशोर ने अपने 1981 में जमा किए गए 2 हजार रुपये का हिसाब मांगते हुए सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने लिखा कि दशकों पहले पटना के दीघा में भूखंड देने का वादा करने के बाद आवास बोर्ड ने योजना को विफल कर दिया। चार दशक पुराना दर्द सुरेंद्र किशोर ने बताया कि 15 अप्रैल 1981 को उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बिहार राज्य आवास बोर्ड के खाते में 2 हजार रुपये जमा किए। “पैसे नहीं थे तो कर्ज लिया था। रसीद आज भी मेरे पास है,” उन्होंने लिखा। इसके बाद आवास बोर्ड ने अग्रधन जमा करने वालों को कहा कि अपने पैसे वापस ले लें। किशोर ने कहा कि तब से अब तक 11,260 बेघर नागरिकों के साथ धोखाधड़ी करने वालों को कोई सजा नहीं मिली। जंगलराज और भ्रष्टाचार पत्रकार ने लिखा कि बिहार में जंगलराज...
ब्राह्मण क्यों बने सियासत का नया हॉटकेक? उत्तर प्रदेश से बिहार तक बढ़ती राजनीति की बेचैनी
Bihar, Politics, State

ब्राह्मण क्यों बने सियासत का नया हॉटकेक? उत्तर प्रदेश से बिहार तक बढ़ती राजनीति की बेचैनी

पटना / लखनऊ: देश की हिंदी पट्टी की राजनीति में ब्राह्मण समुदाय एक बार फिर केंद्र में है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की ‘प्रबुद्ध’ राजनीति से लेकर बिहार विधानसभा में ‘ब्राह्मण बहस’ तक राजनीतिक हलचल बढ़ती जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ब्राह्मण वोट बैंक आजकल सत्ता की चाबी बन चुका है। यही वजह है कि दलित-पिछड़ों की राजनीति करने वाले भी अब ब्राह्मणों की ओर ध्यान देने लगे हैं। यूपी में ब्राह्मण वोट की अहमियत उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। यहाँ समाजवादी पार्टी के लिए ब्राह्मण वोट निर्णायक बन सकते हैं। राज्य में ब्राह्मण आबादी लगभग 11-13% है और 100 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर उनका प्रभाव निर्णायक माना जाता है। इसलिए समाजवादी पार्टी ब्राह्मणों का समर्थन पाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अखिलेश यादव ने ‘प्रबुद्ध सम्मेलन’ और शहरों में परशुराम की मूर्...
अमेरिका से बीज मंगाकर बिहार के किसान ने उगाया ‘काला सोना’
Bihar, State

अमेरिका से बीज मंगाकर बिहार के किसान ने उगाया ‘काला सोना’

मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): बिहार के किसान प्रयाग देव सिंह ने अपनी परंपरागत खेती से हटकर कुछ नया करके जिले में चर्चा बटोर ली है। अमेरिका से मंगाए गए काले आलू के बीज से उन्होंने अपने खेत में ‘काला सोना’ उगाया। काले आलू का वजन आम आलू से कहीं अधिक है और इसकी गुणवत्ता भी बेहतरीन है। प्रयाग देव सिंह सागर चुरारमन गांव के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में पहले साल काले आलू का उत्पादन बहुत कम था और आलू मटर के दाने जितना छोटा था। दूसरे साल भी उत्पादन में कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसके बाद मिट्टी की जांच कराई गई, जिसमें कुछ कमी पाई गई। जैविक पोषण के जरिए मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाई गई और तीसरे साल फसल ने शानदार आकार लिया। अब 3-4 आलू में 1 किलो का उत्पादन होने लगा है। काले आलू की खेती के लिए प्रयाग देव सिंह ने अमेरिका से बीज मंगवाया, जिसकी कीमत लगभग 5 हजार रुपये प्रति किलो पड़ी। किसान ने कहा, “काले...
‘जितना उड़ना है उड़िए’: पटना में UK के AI मंत्री से मुलाकात में संजय झा का बड़ा बयान, बिहार के टेक भविष्य पर हुई अहम चर्चा
Bihar, State

‘जितना उड़ना है उड़िए’: पटना में UK के AI मंत्री से मुलाकात में संजय झा का बड़ा बयान, बिहार के टेक भविष्य पर हुई अहम चर्चा

टना, 21 फरवरी 2026। बिहार की राजधानी पटना से शनिवार सुबह एक सकारात्मक और उत्साहवर्धक तस्वीर सामने आई, जब यूनाइटेड किंगडम के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री Kanishk Narayan ने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद Sanjay Kumar Jha से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात में बिहार के तकनीकी भविष्य, निवेश की संभावनाओं और एआई के व्यापक उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। मिथिला पाग से स्वागत, विकास पर संवाद पटना पहुंचने पर संजय झा ने ब्रिटेन के एआई मंत्री का मिथिला पाग और शॉल भेंट कर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच बिहार में तकनीकी उन्नति, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक निवेश को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई। कनिष्क नारायण ने कहा, “बिहार आकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। मेरा जन्म यहीं हुआ था और दो दशकों से अधिक समय बाद यहां लौटना भावुक क्षण है। ...
होली पर घर जाने की चिंता खत्म पटना–पाटलिपुत्र से चलेंगी 21 स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और परिचालन तिथियां
Bihar, State

होली पर घर जाने की चिंता खत्म पटना–पाटलिपुत्र से चलेंगी 21 स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और परिचालन तिथियां

पटना, 21 फरवरी। रंगों के पर्व होली को लेकर ट्रेनों में भीड़ बढ़ने लगी है। यूपी-बिहार के हजारों लोग जो दूसरे राज्यों में काम करते हैं, वे त्योहार पर घर लौटने की तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में कन्फर्म टिकट न मिलने की समस्या से राहत देने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। दानापुर मंडल के अंतर्गत पटना जंक्शन, पाटलिपुत्र समेत विभिन्न स्टेशनों से 21 होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। दानापुर मंडल के सीनियर डीसीएम अभिनव सिद्धार्थ ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं, ताकि त्योहार के दौरान आवागमन सुगम रहे। इन रूटों पर चलेंगी होली स्पेशल ट्रेनें ◼ पुरी – पटना स्पेशल ट्रेन संख्या 08439: पुरी से पटना, 28 फरवरी से 28 मार्च तक, प्रत्येक शनिवार। ट्रेन संख्या 08440: पटना से पुरी, 1 मार्च से 29 मार्च तक, प्रत्येक रविवार। ◼ गोंदिया – पटना स्पेशल ...
बिहार का आखिरी नक्सली सुरेश कोड़ा ने किया आत्मसमर्पण, राज्य हुआ नक्सल-मुक्त
Bihar, State

बिहार का आखिरी नक्सली सुरेश कोड़ा ने किया आत्मसमर्पण, राज्य हुआ नक्सल-मुक्त

पटना। मुंगेर जिले के पैसरा गांव के रहने वाले सुरेश कोड़ा उर्फ मुस्तकीम ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया है। पुलिस के अनुसार, तीन लाख रुपये के इनामी सुरेश कोड़ा माओवादी संगठन की घातक SAC ब्रांच का सक्रिय सदस्य था और उसके खिलाफ कम से कम 60 मामले दर्ज थे। इसके साथ ही बिहार पूरी तरह से नक्सल-मुक्त घोषित किया गया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि सुरेश कोड़ा ने तीन असॉल्ट राइफल, एक AK-47, एक AK-56, दो इंसास राइफल और 505 कारतूस के साथ एसटीएफ के सामने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास योजना के तहत उन्हें घोषित इनाम राशि तीन लाख रुपये के साथ पांच लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और 36 महीने तक व्यावसायिक प्रशिक्षण हेतु प्रतिमाह 10,000 रुपये का वजीफा भी मिलेगा। सुरेश कोड़ा पिछले 25 साल से मुंगेर के पहाड़ी इलाकों में सक्रिय था और हमेशा पुलिस को चकमा देकर बच निकलता था। उसका खौ...
बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: AIMIM ने मैदान में उतारा उम्मीदवार, चुनावी गणित हुआ उलझा
Bihar, Politics, State

बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: AIMIM ने मैदान में उतारा उम्मीदवार, चुनावी गणित हुआ उलझा

पटना। बिहार में 5 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने बड़ा चुनावी दांव खेला है। पार्टी ने ऐलान किया है कि वह राज्यसभा चुनाव में खुद अपना उम्मीदवार उतारेगी, न कि किसी गठबंधन को समर्थन देगी। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी अब अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास बिहार में पांच विधायक हैं और राज्यसभा में AIMIM का कोई सदस्य नहीं है, इसलिए अब पार्टी स्वयं उम्मीदवार उतारेगी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बिहार विधानसभा में 243 सदस्य हैं और किसी उम्मीदवार के लिए जीत सुनिश्चित करने हेतु 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है। वर्तमान में एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जिससे वह आसानी से चार सीटें जीत सकता है। पांचवीं सीट के लिए एनडीए को...
बिहार ने AI में दिखाई ताकत, दिल्ली में बजाया राज्य का डंका
Bihar, State

बिहार ने AI में दिखाई ताकत, दिल्ली में बजाया राज्य का डंका

नई दिल्ली: India AI Impact Expo 2026 में इस बार बिहार ने तकनीक आधारित शासन का ऐसा मॉडल पेश किया, जिसने नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों का ध्यान खींच लिया। हॉल नंबर-5 के प्रथम तल पर बने बिहार पवेलियन में राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार सरकार और Bihar GenNext Lab ने मिलकर डिजिटल लोकतंत्र और स्मार्ट गवर्नेंस की नई दिशा दिखाई। इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा और इस्पात मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव संदीप पौंड्रिक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। देश का पहला मोबाइल आधारित रिमोट ई-वोटिंग सिस्टम सांसद संजय झा ने कहा, “बिहार ने मोबाइल आधारित ई-वोटिंग, एआई आधारित काउंटिंग और डेटा-आधारित शासन का मॉडल पेश करके डिजिटल लोकतंत्र में नई मिसाल कायम की है। यह पहल पारदर्शिता, समावेशन और जवाबदेही को मजबूत करती है और बिहार को तकनीकी नेतृत्व वाले राज्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करती है।” राज्य निर्...