Thursday, June 18

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कोरोना में देखा ‘मौत का मंजर’, अब पूरी सैलरी से भूखों को खिला रहे पटना के गार्ड
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कोरोना में देखा ‘मौत का मंजर’, अब पूरी सैलरी से भूखों को खिला रहे पटना के गार्ड

पटना: पटना के एक सुरक्षा गार्ड, कुमार विनय, ने कोरोना काल में अपने दिल का बड़ा बदलाव देखा और आज गरीबों को खाना खिलाने का मिशन अपनी पूरी सैलरी से निभा रहे हैं। उनकी कहानी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। कुमार विनय पटना के एक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात थे। महीने की मात्र 8,000 रुपये की सैलरी लेने वाले विनय ने कोरोना के चरम समय में हर दिन 25 से अधिक लोगों की मौतें अपने सामने देखीं। स्ट्रेचर पर लाए गए मरीज, बाहर ले जाते समय तड़पती हुई लाशें और टूटते परिवारों को देखकर उनका हृदय हमेशा के लिए बदल गया। विनय ने बताया, “उन मौतों ने मुझे अंदर तक हिला दिया। मुझे एहसास हुआ कि जिंदगी में कुछ भी स्थायी नहीं है, हम अपने साथ केवल लोगों के आशीर्वाद ही ले जाते हैं। यही एहसास मेरे जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गया।” इस बदलाव के बाद उन्होंने अपनी छोटी सैलरी से हर दिन 21 ...
पटना में नीट छात्रा की मौत पर जेडीयू सख्त, कहा—दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा
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पटना में नीट छात्रा की मौत पर जेडीयू सख्त, कहा—दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा

राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही नाबालिग छात्रा की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना और पुलिस जांच में कथित लापरवाही को लेकर बढ़ते विरोध के बीच सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने साफ कर दिया है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। बिहार सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सीबीआई जांच की सिफारिश की है। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छात्रा की मौत को लेकर उठ रही शंकाओं और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का भरोसा राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “राज्य में यदि कोई भी आपराधिक घटना होती...
बिहार कैडर के दो आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति, BSF और CISF में मिली अहम जिम्मेदारी
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बिहार कैडर के दो आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति, BSF और CISF में मिली अहम जिम्मेदारी

पटना। बिहार कैडर के दो वरिष्ठ और चर्चित आईपीएस अधिकारियों—आईजी दलजीत सिंह और डीआईजी राजीव मिश्रा—को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। बिहार सरकार के गृह विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी। आदेश के अनुसार, आईजी दलजीत सिंह को सीमा सुरक्षा बल (BSF) और डीआईजी राजीव मिश्रा को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है। गृह विभाग ने राजीव मिश्रा को निर्देश दिया है कि वे सीआईएसएफ में योगदान कर इसकी सूचना राज्य सरकार को दें। दोनों अधिकारियों की तैनाती को केंद्र सरकार द्वारा उनके अनुभव और कार्यकुशलता पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। BSF में आईजी की जिम्मेदारी संभालेंगे दलजीत सिंह 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी दलजीत सिंह को बीएसएफ में पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर नियुक्त किया गया है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से पहले वे बिहार पुलि...
बक्सर में शराब की रेड में मिला 8 साल से लापता बेटा, परिवार में खुशी की लहर
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बक्सर में शराब की रेड में मिला 8 साल से लापता बेटा, परिवार में खुशी की लहर

बक्सर: बिहार के बक्सर जिले में शराब पकड़ने के लिए की गई एक रूटीन रेड ने एक परिवार के लिए चमत्कार कर दिया। आठ साल से लापता सुधीर दास अचानक पुलिस की पकड़ में आए और उसे उसके परिवार से मिलवा दिया गया। बेटे को देखकर उसके पिता ज्ञानी दास भावुक हो उठे। मिला 8 साल बाद: सुधीर दास समस्तीपुर जिले के हलाई थाना क्षेत्र के मरिचा गांव का रहने वाला है। जब पुलिस और एक्साइज विभाग ने वीर कुंवर सिंह चेकपोस्ट पर शराब की रेड के दौरान उसे हिरासत में लिया, तो जांच में पता चला कि वह आठ साल से लापता था। बक्सर पुलिस ने तुरंत ही सुधीर के परिवार को इसकी जानकारी दी। मोरवा-17 के वार्ड पार्षद कैलाश दास के साथ परिवार बक्सर पहुंचा और अपने बेटे को देखा तो सभी की आंखें नम हो गईं। सुधीर का पिछला जीवन: सुधीर सात भाइयों में चौथे नंबर के हैं और उनकी तीन बहनें भी हैं। उनकी मां 17 साल पहले बिजली का करंट लगने से मौत हो गई थी। जब ...
शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत: बिहार सरकार करेगी सीबीआई जांच, परिवार ने उठाए गंभीर आरोप
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शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत: बिहार सरकार करेगी सीबीआई जांच, परिवार ने उठाए गंभीर आरोप

पटना: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में बिहार सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा करवाई जाए। छात्रा के परिवार ने पुलिस जांच में खामियों और कथित लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि छात्रा के साथ दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या की गई। इस पर सरकार ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई से जांच कराने का निर्णय लिया है। मृतका और घटना का विवरण: यह घटना पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हुई थी। छात्रा जहानाबाद जिले की निवासी थी और 6 जनवरी को हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली। उसे प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां वह कई दिनों तक कोमा में रही और 1...
पटना जू में फिर दौड़ेगी टॉय ट्रेन: 5.81 करोड़ की लागत से बढ़ेगी ‘रफ्तार’, जानें नए इंजन और रूट की खासियत
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पटना जू में फिर दौड़ेगी टॉय ट्रेन: 5.81 करोड़ की लागत से बढ़ेगी ‘रफ्तार’, जानें नए इंजन और रूट की खासियत

पटना: बिहार की राजधानी पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में वर्षों से बंद पड़ी टॉय ट्रेन अब फिर से चालू होने जा रही है। राज्य सरकार ने इस सुविधा को दोबारा शुरू करने के लिए 5 करोड़ 81 लाख रुपये की मंजूरी दी है। टॉय ट्रेन के संचालन से चिड़ियाघर आने वाले बच्चों और परिवारों को नई अनुभवात्मक सैर का आनंद मिलेगा। टॉय ट्रेन के सुरक्षित और सुचारू परिचालन के लिए निर्माण कार्य की जिम्मेदारी पूर्व-मध्य रेलवे के दानापुर रेल मंडल को सौंपी गई है। मंजूर राशि से ट्रेन के ट्रैक के साथ-साथ ब्रिज रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य आवश्यक संरचनात्मक कार्य भी किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में तकनीकी खामियों और बार-बार बेपटरी होने के कारण यह ट्रेन सेवा बंद कर दी गई थी। ट्रैक की लंबाई और मार्ग: प्रस्तावित टॉय ट्रेन का ट्रैक कुल 3.7 किलोमीटर लंबा होगा। यह चिल्ड्रेन स्टेशन से शुरू होकर हाइना पि...
बिहार के पांच मुख्यमंत्री जिनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा: कोई 5 दिन का तो कोई 99 दिन का, नीतीश कुमार का भी नाम शामिल
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बिहार के पांच मुख्यमंत्री जिनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा: कोई 5 दिन का तो कोई 99 दिन का, नीतीश कुमार का भी नाम शामिल

पटना (बिहार)। बिहार की राजनीति हमेशा से ही गठबंधन, सत्ता और कुर्सी के खेल के लिए जानी जाती रही है। इस खेल में कई बार सरकारें टूटती रही हैं और ऐसे में राज्य को कई मुख्यमंत्री मिले जिनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा। इनमें पांच मुख्यमंत्री ऐसे हैं जिन्होंने सत्ता में बहुत ही कम समय बिताया।   1. सतीश प्रसाद सिंह – सिर्फ 5 दिन का सीएम बिहार के पहले ओबीसी मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड रखते हैं। 28 जनवरी 1968 को उन्होंने पद संभाला और 1 फरवरी 1968 को ही सरकार गिर गई। उनका कार्यकाल मात्र 5 दिन का रहा।   2. बीपी मंडल – 30 दिन का कार्यकाल बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल, जिन्हें मंडल आयोग के अध्यक्ष के रूप में जाना जाता है, 1 फरवरी 1968 को मुख्यमंत्री बने। उनकी सरकार केवल 30 दिन चली और 2 मार्च 1968 को गिर गई।   3. भोला पासवान शास्त्री – 99 दिन और 12 ...
प्यार और राजनीति की कहानी: बिहार के पहले OBC मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह की अनकही कहानी
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प्यार और राजनीति की कहानी: बिहार के पहले OBC मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह की अनकही कहानी

पटना (बिहार)। कहते हैं कि सच्चा प्यार किसी की परवाह नहीं करता। बिहार के पहले ओबीसी मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह की जीवन कहानी इस कहावत को सही ठहराती है। जमींदार परिवार से ताल्लुक रखने वाले सतीश प्रसाद सिंह ने अपने प्रेम के लिए परिवार को ठुकरा दिया और राजनीति में भी नाम कमाया। प्यार की शुरुआत साल 1960 की बात है। खगड़िया जिले के रहने वाले सतीश प्रसाद सिंह को पढ़ाई के लिए पटना भेजा गया था। वहीं, आरडीजे कॉलेज में उनकी मुलाकात सहपाठी ज्ञानकला से हुई। दोनों के बीच गहरा और आत्मीय प्रेम विकसित हुआ। धीरे-धीरे यह प्यार परवान चढ़ा और सतीश प्रसाद ने ज्ञानकला से शादी का प्रस्ताव रखा। दोनों परिवारों ने इसका विरोध किया। सतीश प्रसाद और ज्ञानकला ने तय किया कि प्यार और परिवार में से एक को चुनना पड़े तो वे प्यार को चुनेंगे। इसके बाद दोनों ने परिवार का साथ छोड़कर अपना जीवन अलग से बसाया। राजनीति में कदम प...
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दरभंगा में कौवों की मौत: रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि, हाई अलर्ट जारी

दरभंगा (बिहार)। बिहार के दरभंगा जिले में पिछले कई दिनों से हो रही कौवों की रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझ गई है। भोपाल स्थित प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट शुक्रवार को सामने आई, जिसमें एवियन इन्फ्लूएंजा (H5N1) यानी बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई। इस खबर के बाद जिले में दहशत का माहौल है और जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। 10 हजार कौवों की मौत की आशंका स्थानीय पार्षदों के अनुसार, शहर के वार्ड-31 (भीगो इलाका) सबसे अधिक प्रभावित है। अकेले इस क्षेत्र में और आसपास के हिस्सों में लगभग 10 हजार कौवों के मरने की आशंका जताई जा रही है। यह घटना पहली बार 12 जनवरी को बड़े पैमाने पर सामने आई थी, जिसके सैंपल उसी दिन भोपाल भेजे गए थे। पोल्ट्री फार्मों की होगी जांच पशुपालन विभाग के अधिकारी डॉ. मोहम्मद इंतखाब अख्तर ने बताया कि पूरे जिले में सभी पोल्ट्री फार्मों का गहन निरीक्षण करने के ...
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खगड़िया स्कूल में बच्चों की ‘मजदूरी’: मासूम छात्राएं पढ़ाई छोड़ बाल्टियों में पानी ढोतीं

खगड़िया (बिहार)। बिहार के खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। झीमा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में मासूम छात्राएं पढ़ाई छोड़कर बाल्टियों में पानी ढोती नजर आईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। चापाकल से पानी ढोने को मजबूर छात्राएं वीडियो में दिखाई देता है कि छात्राएं स्कूल परिसर के बाहर स्थित चापाकल से बाल्टी में पानी भरकर ला रही हैं। आश्चर्य की बात यह है कि स्कूल में नल और पानी की टंकी की सुविधा कागजों पर मौजूद होने के बावजूद लंबे समय से खराब पड़े हैं, और इसका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। 'सर और मैडम खाना खा रहे हैं' वीडियो में छात्राओं ने बताया कि क्लासरूम में शिक्षक और स्टाफ खाना खा रहे हैं और उनके आदेश पर ही वे बाहर से पानी लाती हैं। छात्राएं बाल्टियां उठाकर सीढ़ियों के माध्य...