Sunday, February 1

Politics

बयान ही बने सबसे बड़े दुश्मन: 9 महीने में गई थी मुख्यमंत्री की कुर्सी, अब क्या केंद्रीय मंत्री पद पर मंडराएगा खतरा?
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बयान ही बने सबसे बड़े दुश्मन: 9 महीने में गई थी मुख्यमंत्री की कुर्सी, अब क्या केंद्रीय मंत्री पद पर मंडराएगा खतरा?

    अपने विवादास्पद बयानों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में आए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या मांझी का बयानों वाला अंदाज़ एक बार फिर उन्हें भारी पड़ सकता है। इतिहास गवाह है कि वर्ष 2014 में यही बड़बोलापन उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी ले डूबा था, जब वे केवल 9 महीने में ही बिहार के मुख्यमंत्री पद से हटने को मजबूर हो गए थे।   नीतीश की पसंद, लेकिन उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे   लोकसभा चुनाव 2014 में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 17 मई 2014 को नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद जब नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन हुआ, तो कई दिग्गज नेता दौड़ में थे। वशिष्ठ नारायण सिंह, विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, नरेंद्र नारायण यादव और यहां तक कि शरद यादव का न...
कांग्रेस का ऑपरेशन संगठन: बिहार में भीतरघातियों और सुस्त नेताओं की अब खैर नहीं
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कांग्रेस का ऑपरेशन संगठन: बिहार में भीतरघातियों और सुस्त नेताओं की अब खैर नहीं

    पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी अब पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में है। पार्टी ने संगठन को मजबूत और समर्पित कार्यकर्ताओं के हाथ सौंपने के लिए ‘ऑपरेशन संगठन’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य भीतरघातियों और निष्क्रिय नेताओं को बाहर कर पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना है।   प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के निर्देशन में पार्टी आलाकमान ने पुराने और नए जिला पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी दी है कि वे अपने जिलों और प्रखंडों का दौरा कर संगठन की वास्तविक स्थिति रिपोर्ट करें। प्रत्येक पर्यवेक्षक को यह काम 8 जनवरी तक पूरा करना है।   अभियान के तहत पार्टी उन जिलों को चिन्हित कर रही है जहां संगठन कमजोर है। जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर कमेटियां गठित की जाएंगी। इसके बाद गांव और बूथ स्तर पर संगठन सृजन होगा। अभियान में निष्...
‘मेरे मुख्यमंत्री रहते योजना पर हुआ काम, बाद में ठंडे बस्ते में गई’— गयाजी में गरजे जीतनराम मांझी
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‘मेरे मुख्यमंत्री रहते योजना पर हुआ काम, बाद में ठंडे बस्ते में गई’— गयाजी में गरजे जीतनराम मांझी

    गयाजी। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतनराम मांझी ने दक्षिण बिहार की दशकों पुरानी सुखाड़ समस्या को समाप्त करने के लिए एक बार फिर बड़ा विजन सामने रखा है। बोधगया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यदि सोन नदी का पानी फल्गु और निरंजना नदी तक पहुंचाया जाए, तो पूरे मगध क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है। मांझी ने भावुक लहजे में कहा कि गया के विकास के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष आग्रह करेंगे और जरूरत पड़ी तो उनके “पैर पकड़ने” से भी पीछे नहीं हटेंगे।   100 करोड़ की योजना, जो रह गई अधूरी   मांझी ने बताया कि अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उन्होंने सोन-निरंजना लिंक परियोजना के लिए करीब 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। उस समय अधिकारियों और मंत्रियों द्वारा स्थल निरीक्षण भी किया गया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह महत...
नेताजी, हम साथ जाएंगे संसद: लोकसभा चुनाव 2029 में बृजभूषण शरण सिंह और करण भूषण सिंह करेंगे आमने-सामने की तैयारी
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नेताजी, हम साथ जाएंगे संसद: लोकसभा चुनाव 2029 में बृजभूषण शरण सिंह और करण भूषण सिंह करेंगे आमने-सामने की तैयारी

  गोंडा: कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद करण भूषण सिंह ने 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर बड़ा और चर्चित बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2029 में वह और उनके पिता, पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह, दोनों भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे और जीतकर एक साथ संसद में पहुंचेंगे।   करण भूषण ने बेलसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा, “हम दोनों 2029 में भाजपा से चुनाव लड़ेंगे। हमें इतना तय है कि हम दोनों संसद में एक साथ होंगे।” उन्होंने अपने पिता के पहले दिए गए बयान का समर्थन करते हुए यह बात दोहराई। उनके इस ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।   बृजभूषण शरण सिंह का ऐलान और राजनीतिक पृष्ठभूमि करण भूषण से पहले उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह ने भी 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं।...
सिफी और टाटा संस के प्रमुखों से CM योगी की मुलाकात, यूपी में बदला माहौल
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सिफी और टाटा संस के प्रमुखों से CM योगी की मुलाकात, यूपी में बदला माहौल

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दिसंबर का महीना औद्योगिक दृष्टि से नई शुरुआत लेकर आया है। देश के दो बड़े औद्योगिक समूह टाटा संस और सिफी टेक्नोलॉजीज़ के शीर्ष नेतृत्व ने राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर राज्य में निवेश बढ़ाने के संकेत दिए।   15 दिसंबर को टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और 23 दिसंबर को सिफी टेक्नोलॉजीज़ के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर राजू वेगेसना ने मुख्यमंत्री से अलग-अलग बैठकें की। इन बैठकों में दोनों समूहों ने राज्य में अब तक किए गए निवेश, चल रही परियोजनाओं और भविष्य की विस्तार योजनाओं की जानकारी दी।     टाटा समूह का यूपी में बढ़ता निवेश   टाटा समूह ने लखनऊ में एआई सिटी विकसित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे उत्तर प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सके। लखनऊ और नोएड...
दबाव की राजनीति पर फिर सवार मांझी, क्या राज्यसभा की एक सीट के लिए दांव पर लगेगी केंद्रीय मंत्री की कुर्सी?
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दबाव की राजनीति पर फिर सवार मांझी, क्या राज्यसभा की एक सीट के लिए दांव पर लगेगी केंद्रीय मंत्री की कुर्सी?

  हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी एक बार फिर अपनी चिर-परिचित विद्रोही शैली में सियासी हलकों में हलचल पैदा कर रहे हैं। गया में आयोजित एक जनसभा में उन्होंने एनडीए गठबंधन, खासतौर पर भाजपा, के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलते हुए ऐसे बयान दिए हैं, जिनसे उनकी केंद्रीय मंत्री की कुर्सी पर सवाल खड़े हो गए हैं। मांझी के तेवर यह संकेत दे रहे हैं कि वे राज्यसभा की एक सीट के लिए बड़ा राजनीतिक जोखिम उठाने को तैयार हैं।   जनसभा को संबोधित करते हुए मांझी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उनके साथ वादाखिलाफी की है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने दो लोकसभा और एक राज्यसभा सीट देने का आश्वासन दिया था, लेकिन राज्यसभा की सीट उन्हें नहीं मिली। मांझी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि राज्यसभा की सीट नहीं दी गई, तो वे मंत्रिपद छोड़ने से भी पीछे नहीं...
‘यूपी से सांसद होना मेरा सौभाग्य’, राष्ट्र प्रेरणा स्थल से पीएम मोदी ने की सीएम योगी की खुलकर तारीफ
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‘यूपी से सांसद होना मेरा सौभाग्य’, राष्ट्र प्रेरणा स्थल से पीएम मोदी ने की सीएम योगी की खुलकर तारीफ

  लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर सराहना करते हुए कहा कि “मेरा सौभाग्य है कि मैं उत्तर प्रदेश से सांसद हूं। आज यूपी 21वीं सदी के भारत में अपनी अलग पहचान बना रहा है।”   लखनऊ में करीब 230 करोड़ रुपये की लागत से विकसित राष्ट्र प्रेरणा स्थल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिनका प्रधानमंत्री ने अनावरण भी किया।   कानून व्यवस्था की देशभर में हो रही प्रशंसा   प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार का लाभ उत्तर प्रदेश को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय यूपी खराब कानून व्यवस्था क...
उपेंद्र कुशवाहा के ‘लिट्टी-चोखा भोज’ में 3 विधायक नहीं पहुंचे, दिल्ली में की बीजेपी से मुलाकात
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उपेंद्र कुशवाहा के ‘लिट्टी-चोखा भोज’ में 3 विधायक नहीं पहुंचे, दिल्ली में की बीजेपी से मुलाकात

  पटना: राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर आयोजित 'लिट्टी-चोखा भोज' राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया। उम्मीद थी कि इस अनौपचारिक मिलन से पार्टी मजबूत होगी, लेकिन पार्टी के तीन प्रमुख विधायक माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक सिंह भोज में शामिल नहीं हुए। इसके बजाय, तीनों ने दिल्ली का रुख किया और भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में सवाल खड़ा कर दिया है—क्या कुशवाहा की पार्टी टूटने की कगार पर है?   परिवारवाद और मंत्री पद को लेकर असंतोष: सूत्रों के अनुसार, रामेश्वर महतो को उम्मीद थी कि कुशवाहा उन्हें मंत्री पद दिलाएंगे। लेकिन कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री और पत्नी को टिकट दिलाकर विधायक बनवाया। इस 'परिवारवाद' ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में असंतोष पैदा कर दिया। महतो ने हाल ही में स...
बांग्लादेश में दलित युवक की हत्या पर देश में रोष स्वाभाविक, मायावती ने जताई चिंता
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बांग्लादेश में दलित युवक की हत्या पर देश में रोष स्वाभाविक, मायावती ने जताई चिंता

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पड़ोसी देश बांग्लादेश में दलित और हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की जान-माल और धार्मिक स्वतंत्रता पर बढ़ती हमलों से भारत सहित अन्य देशों में भी चिंता की लहर है। मायावती ने हाल ही में बांग्लादेश में हुई एक दलित युवक की नृशंस हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना को लेकर देशभर में लोगों का सड़कों पर उतरकर आक्रोश जताना स्वाभाविक है। बीएसपी प्रमुख की प्रमुख बातें: भारत सरकार को इस पूरे घटनाक्रम पर तुरंत संज्ञान लेते हुए अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। देश में दलितों, आदिवासियों और कमजोर वर्गों के खिलाफ सदियों से जातिवादी द्वेष, शोषण और अत्याचार की घटनाएं अभी भी पूर...
कट्टरपंथियों के दबाव में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार, कैबिनेट में इस्तीफों की झड़ी, कुर्सी पर मंडराया संकट
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कट्टरपंथियों के दबाव में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार, कैबिनेट में इस्तीफों की झड़ी, कुर्सी पर मंडराया संकट

  ढाका। बांग्लादेश में फरवरी 2026 में प्रस्तावित आम चुनाव से पहले मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार गंभीर राजनीतिक संकट में फंसती दिख रही है। यूनुस प्रशासन से एक के बाद एक सलाहकारों और अधिकारियों के इस्तीफों ने सरकार की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा झटका तब लगा, जब गृह मामलों से जुड़े राज्य मंत्री स्तर के अधिकारी खोदा बख्श चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है।   सरकारी हलकों में साफ कहा जा रहा है कि यह इस्तीफा किसी प्रशासनिक या नैतिक कारण से नहीं, बल्कि कट्टरपंथी संगठनों के दबाव का नतीजा है। इससे यह संकेत मिलता है कि यूनुस सरकार की राजनीतिक पकड़ तेजी से कमजोर हो रही है।   हत्या के बाद बढ़ा दबाव, सड़कों पर उतरे कट्टरपंथी   कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद यूनुस प्रशासन के खिलाफ असंतोष...