100वें साल से नए रूप में नजर आएगा RSS, BJP से रिश्तों में भी हो सकता है बदलाव
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपनी स्थापना के 100वें वर्ष में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी कर रहा है। इस परिवर्तन में संघ का जमीनी स्तर से जुड़ाव और मजबूत होगा, साथ ही राजनीतिक संगठन बीजेपी के साथ तालमेल के तरीके में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
संगठन का नया ढांचा
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने पिछले वर्षों में संगठन को लोगों से जोड़ने पर जोर दिया है। इसी दिशा में संघ अपने कार्यकर्ताओं को अधिक स्वतंत्रता देने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लचीला बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य संगठन को प्रत्येक गांव और मोहल्ले तक और प्रभावी रूप से पहुंचाना है।
प्रांत और क्षेत्र व्यवस्था में बदलाव
वर्तमान में संघ 46 प्रांतों के माध्यम से काम करता है। नए ढांचे में यह संख्या बढ़ाकर 90 संभाग करने की योजना है। इसके अलावा 11 क्षेत्र प्रचारकों की संख्या घटाकर 9...









